सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धर्म के नाम पर किसी पर हमला या हत्या को सही नही ठहराया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट:- सुप्रीम कोर्ट ने घ्रणास्पद अपराध पर सख़्त चेतावनी देते हुए कहा है कि धर्म के नाम पर हमला या हत्या नही की जा सकती। सुप्रीमकोर्ट ने अदालतों से भी कहा है कि वे अपने आदेश मे ऐसी कोई टिप्पणियाँ न करें जो किसी समुदाय के पक्ष मे या किसी के ख़िलाफ़ जाती प्रतीत हो।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धर्म के नाम पर किसी पर हमला या हत्या को सही नही ठहराया जा सकता। हाईकोर्ट ने हत्या के अभियुक्तों को जमानत देते हुए अपने आदेश मे कहा था कि अभियुक्तों की म्रतक से कोई निजी दुश्मनी नही थी। म्रतक का क़ुसूर सिर्फ इतना था वह दूसरे धर्म का था।
सुप्रीम कोर्ट ने पुणे के एक मामले में अभियुक्तों को जमानत देने का हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए मामला दोबारा विचार के लिए हाईकोर्ट वापस भेज दिया। कोर्ट ने कहा कि मामलों पर सुनवाई करते समय अदालत को देश के बहुलतावादी समाज का ध्यान रखना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने हो सकता है कि अपराध के पीछे अभियुक्तों का निजी दुश्मनी न होना, बल्कि धार्मिक नफरत होने की बात दर्ज करते हुए ये कहा हो। जज का किसी समुदाय की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं होगा, लेकिन टिप्पणी आलोचनाओं को बल देती है ।
हाईकोर्ट ने हत्या के अभियुक्तों को जमानत देते हुए अपने आदेश में कहा था कि अभियुक्तों की मृतक से कोई निजी दुश्मनी नही थी। मृतक का कुसूर सिर्फ इतना था वह दूसरे धर्म का था।

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