जर्मनी में भारतीयों के बीच मोदी:इमरजेंसी पर बोले PM- 47 साल पहले आज के दिन डेमोक्रेसी को कुचलने की कोशिश हुई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 के 48वें शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जर्मनी के म्यूनिख में हैं। वहां उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। मोदी के भाषण से पहले राष्ट्रगान हुआ। भाषण के दौरान मोदी ने सबसे पहले पूछा- कैसे हैं आप सब। मुझे बताया गया कि आप में कई लोग बहुत लंबा सफर करके आए हैं। मैं आप सभी में भारत की एकता और बंधुत्व का दर्शन कर रहा हूं। आपका यह स्नेह मैं कभी नहीं भूल सकूंगा। जो लोग हिंदुस्तान में यह देख रहे होंगे, उनका भी सीना गर्व से भर गया होगा।
मोदी ने कहा- आज 26 जून है जो डेमोक्रेसी के लिहाज से अहम है। आज से 47 साल पहले इसी समय उस डेमोक्रेसी को बंधक बनाने उसे कुचलने का प्रयास किया गया था। इसी दिन डेमोक्रेसी पर इमरजेंसी लगाई गई थी। इसके बाद लोकतंत्र की जीत हुई। भारत के लोगों ने लोकतंत्र को कुचलने का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया।
आज भारत के हर गांव में बिजली: पीएम
आज भारत का हर गांव खुले में शौच से मुक्त है। हर गांव में बिजली है। 99 फीसदी लोगों के पास क्लीन कुकिंग के लिए गैस है। हर परिवार बैंकिंग से जुड़ा है। हर गरीब को पांच लाख रुपए के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। भारत में हर 10 दिन में एक यूनिकॉर्न बन रहा है। हर महीने एवरेज 5 हजार पैट्रन फाइल होते हैं। यह लिस्ट बहुत लंबी है। मैं बोलता जाऊंगा तो आपके डिनर का टाइम हो जाएगा।
पीएम मोदी की बड़ी बातें-
- कोई देश जब समय लेकर सही फैसले करता है तो उसका तेजी से विकास होता है। 21वीं सदी का भारत पीछे रहने वालों में नहीं है, बल्कि औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने वाला है। आईटी सेक्टर में हमने परचम लहराया है। 40 फीसदी डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं। भारत में डेटा सबसे सस्ता है।
- आरोग्य सेतु से 22 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। 12 से 15 लाख ऑनलाइन रेलवे टिकट बुक हो रहे हैं। ड्रोन से फर्टिलाइजर का छिड़काव हो रहा है। स्वामित्व योजना में ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है।
- आज का भारत- होता है, चलता है और ऐसा ही चलेगा। उस मानसिकता से बाहर निकल चुका है। आज के भारत की पहचान है। करना है और करना ही है। इस संकल्प के साथ चल रहा है। भारत तत्पर और अधीर है विकास के लिए। संकल्प से सिद्धि तक पहुंचाने के लिए अधीर है।
- हम अपने आप में भरोसा करते हैं। इसलिए पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं और नए लक्ष्य हासिल कर रहे हैं। आज भारत में 90 फीसदी वयस्कों को वैक्सीन की डोज लग चुकी है। 95 फीसदी को पहला डोज लग चुका है। लोग कह रहे थे कि इस काम में 15 साल लग जाएंगे। हम 1.96 करोड़ वैक्सीन डोज लगा चुके हैं। हमारे वैक्सीन ने दुनिया में करोड़ों लोगों की जान बचाई है।
- 2015 में स्टार्टअप वर्ल्ड में भारत को कोई नहीं जानता था। आज हम तीसरे नंबर पर हैं। हम दूसरे सबसे बड़े मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर हैं।
- दुनिया हमें उम्मीद और विश्वास से देख रही है। हमारी पॉलिसी साफ है। पांच साल बाद हमें कहां पहुंचना है, यह भी तय है। 25 साल का आत्मनिर्भरता का रोडमैप भी तैयार है।
- वो दिन चले गए, जब दुनिया में कुछ होता था तो हम रोना रोते थे। हम अब रोना रोने वाला देश नहीं है। हम अब समाधान देते हैं। योग की ताकत क्या है, आप सब जानते हैं। पूरी दुनिया को नाक पकड़वा दी है।
- पहली बार मातृभाषा में इंजीनियरिंग और डॉक्टरी की पढ़ाई हो रही है। नई एजुकेशन पॉलिसी में ग्लोबल पार्टनरशिप की बहुत गुंजाइश है। आप इंडिया की सक्सेस स्टोरी भी हैं, और सफलताओं के ब्रांड एंबेसेडर भी। आप राष्ट्रदूत हैं।
जर्मनी में मोदी का जोरदार स्वागत
इसके पहले, इस दौरान वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसी दौरान एक भारतीय से शादी करने वाली जर्मन लड़की ने पति के साथ मोदी के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। इस लड़की ने प्रधानमंत्री से हिंदी में पूछा- आप कैसे हैं? फिर गुजराती में पूछा- केम छो (आप कैसे हैं)। मोदी इस अंदाज पर खुश नजर आए। उन्होंने इस लड़की से कहा- आपने हिंदी भी सीख ली।
26 से 28 जून तक चलेगा सम्मेलन
प्रधानमंत्री का ये दौरा दो दिन का होगा। मोदी 12 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्षों के साथ मीटिंग करेंगे। 15 से अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शिखर सम्मेलन 26 से 28 जून तक चलेगा। इसके बाद वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का भी दौरा करेंगे।
कम्यूनिटी प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे मोदी
जर्मनी-यूएई की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने कहा था- शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक हैं। इसके अलावा जर्मनी के म्यूनिख में एक कम्यूनिटी प्रोग्राम में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत होगी।
G-7 के दो सेशन में हिस्सा लेंगे PM
मोदी मुख्य रूप से G-7 के दो सेशन में हिस्सा लेंगे। पीएम ने बताया कि शिखर सम्मेलन में क्लाइमेट, एनर्जी, हेल्थ और फूड सिक्योरिटी एंड जेंडर इक्वालिटी है, जिसपर सबसे ज्यादा फोकस होगा। इसके अलावा यूक्रेन-रूस जंग, हिन्द प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भारत के स्टैंड पर भी चर्चा होने की संभावना है।
समिट जिस होटल में, वह AC नहीं
जिस होटल में सम्मेलन होने वाला है, उसमें एयरकंडीशनर नहीं है। पैलेस में ईको फ्रेंडली कूलिंग सिस्टम है, जहां 8 डिग्री सेल्सियस तापमान मेंटेन किया जाता है। यह होटल 2015 में भी जी-7 की मेजबानी कर चुका है। मेजबानी के लिए 47 प्रेसिडेंशियल सुइट्स हैं, जो मुख्य होटल से अलग हैं। इसे रिट्रीट नाम दिया गया है। जर्मनी से 27 जून को पीएम UAE के लिए रवाना होंगे।
सात देशों का समूह है G-7
G-7 समूह दुनिया के सात सबसे अमीर देशों का समूह है, जिसकी अध्यक्षता अभी जर्मनी कर रहा है। इस समूह में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल है। इसमें अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को भी आमंत्रित किया गया है।
इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू सहित कई अन्य शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं।

0 comments