टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन में आए जींद के किसान ने फांसी लगाकर दी जान, एक अन्य किसान की भी मौत
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बहादुरगढ़-दिल्ली बॉर्डर पर स्थित टीकरी बॉर्डर में धरने पर बैठे एक किसान ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान का शव प्रदर्शन स्थल से करीब दो किलोमीटर दूर एक पेड़ से लटका मिला। दूसरी ओर आंदोलन से लगभग दो महीने बाद अपने गांव लौटे एक अन्य किसान की भी मौत हो गई। बता दें कि, किसान आंदोलन में अब तक कई किसानों की मौत हो चुकी हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई (भाषा) की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि किसान ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें केंद्र सरकार के खराब रवैये के परेशान होने की बात लिखी गई है। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान हरियाणा के जींद जिले के सिंघवाल गांव निवासी 52 वर्षीय कर्मवीर सिंगवाल के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि बीती रात ही वह अपने गांव से टीकरी बॉर्डर पहुंचा था।
एक अन्य घटनाक्रम में टीकरी बॉर्डर से लगभग दो महीने बाद अपने गांव चुहड़पुर लौटे एक किसान की शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मरने वाले की पहचान रौशन के सिंह के रूप में की गई है। रविवार को सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले सिंह के शव को भाकियू के झंडे में लपेटा गया और किसानों एवं अन्य लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

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