₹84 हजार 560 करोड़ के रक्षा सौदे को मंजूरी:इनसे फाइट रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट, हैविवेट टॉरपीडो और एयर डिफेंस रडार खरीदे जाएंगे

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को 84 हजार 560 करोड़ रुपए के डिफेंस डील को मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने इस पर मुहर लगाई। इसके तहत एंटी-टैंक माइंस, एयर डिफेंस टेक्टिकल कंट्रोल रडार, फाइट रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट, हैविवेट टॉरपीडो और समुद्र की निगरानी करने वाले एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे।

 

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि DAC ने आर्मी, नेवी, एयरफोर्स और कॉस्ट गार्ड की क्षमता को बढ़ाने और इसे तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। इस बजट से होने वाली खरीदी का बड़ा हिस्सा आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी कंपनियों को दिया जाएगा।

समुद्र की निगरानी के लिए 15 नए एयरक्राफ्ट भी खरीदे जाएंगे। इनमें 9 नेवी के लिए और 6 कोस्टगार्ड के लिए खरीदे जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने अप्रूवल की जानकारी देते हुए बताया कि सभी 15 प्लेन भारत में बनेंगे। इन्हें वायु सेना के C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को मॉडिफाई कर बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट कुल लागत 29 हजार करोड़ रुपए होगी।

 

एंटी टैंक माइन्स में रिमोट डिएक्टिवेशन फीचर्स
डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा- नए एंटी टैंक माइन्स में सीसमिक सेंसर और रिमोट डिएक्टिवेशन के फीचर्स होंगे। इसके अलावा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए एयर डिफेंस टैकटिकल कंट्रोल रडार सिस्टम भी खरीदा जाएगा। लो-फ्लाइंग टारगेट को ट्रैक करने के लिए यह सिस्टम काम आएगा। साथ ही फ्लाइट रिफ्यूलर विमान की खरीद को भी हरी झंडी दी गई है।

इसके अलावा, समुद्र में नेवी के जहाजों को लो-फ्रीक्वेंसी और लंबी दूरी पर ऑपरेट करने की क्षमता वाले एक्टिव टोड एरे सोनार भी खरीदे जाएंगे। इससे दुश्मन की सबमरीन को भी ट्रैक किया जा सकेगा। वहीं, कोस्टगार्ड के लिए नए सॉफ्टवेयर के रेडियो सिस्टम भी खरीदे जाएंगे।

MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा
मिनिस्ट्री ने कहा कि हमारी सबमरीन की क्षमता बढ़ाने के लिए हैवी वेट टॉरपीडो भी खरीदे जाएंगे। मिनिस्ट्री ने कहा कि ये सभी फैसले इज ऑफ डुइंग बिजनेस की नीतियों के तहत लिए गए हैं। इससे MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही डिफेंस के स्टार्ट अप इकोसिस्टम में भी सही वातावरण बनेगा।

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