अमेरिका ने म्यामांर में आंग सान सू की गिरफ्तारी पर जताई चिंता, सेना की कार्रवाई को बताया तख्ता पलट

वाशिंगटन: 

अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि म्यामांर (Myanmar) में निर्वाचित शासन प्रमुख को हटाने की एक फरवरी की सेना की कार्रवाई (Arrest of Aung San Suu Kii in Myanmar) सैन्य तख्तापलट है. अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची सहित असैन्य सरकार के नेताओं को हिरासत में लिए जाने से चिंतित है. उन्होंने कहा, ‘‘सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद हमारा आकलन है कि निर्वाचित शासन प्रमुख को हटाने की एक फरवरी की बर्मा की सैन्य कार्रवाई, सैन्य तख्ता पलट के समान है.''उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका बर्मा में कानून के शासन और लोकतंत्र के सम्मान का समर्थन करता रहेगा। साथ ही बर्मा में लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता के हस्तांतरण को पलटने के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के वास्ते क्षेत्र में और दुनियाभर में अपने साझेदारों के साथ काम करना जारी रखेगा.''

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि आकलन उन तथ्यों और परिस्थितियों पर आधारित है कि म्यामां की सेना ने सत्तारूढ़ पार्टी की नेता सू ची और निर्वाचित सरकार के प्रमुख राष्ट्रपति विन मिंट को अपदस्थ कर दिया. प्राइस ने कहा, ‘‘राज्य विदेश परिचालन और संबंधित कार्यक्रमों के वार्षिक विभाग विनियोग अधिनियम में एक सैन्य सरकार को कुछ सहायता प्रतिबंधित करने का प्रावधान हैं. हमने इन मापदंडों पर गौर किया है कि एक निर्वाचित शासन प्रमुख को सैन्य तख्तापलट कर हटाया गया और सेना ने इसमें निर्णायक भूमिका निभायी.''

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका ने बर्मा को वित्त वर्ष 2020 में द्विपक्षीय सहयोग के रूप में 13 करोड़ 50 लाख डॉलर मुहैया कराए है, जबकि इसका बहुत छोटा हिस्सा ही सरकार की मदद के लिए है। हम यहां बर्मा की सेना की कार्रवाई के लिए सैन्य नेताओं की जिम्मेदारी तय करने का काम तेजी से करने जा रहे हैं.''

 

 

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