Dr. Kafeel Khan की निष्पक्ष जाँच की माँग के लिए योगी जी के नाम खुला पत्र

सेवा में, माननीय योगी आदित्यनाथ जी मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश विषय: गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में निरंतर हो रही बच्चों की मौत और डॉक्टर कफ़ील ख़ान की निष्पक्ष जाँच कराने के सम्बंध में। महोदय, आप के संज्ञान में ये बात है कि पिछले वर्ष बी॰आर॰डी॰ मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में ऑक्सिजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में बहुत से लोगों पर कार्यवाही हुई है जिसमें 9 लोग आज भी जेल में हैं। उन 9 लोगों में सबसे जूनियर Dr. Kafeel Khan भी जेल में हैं जिन्हें बच्चों की मौत का दोषी बताया गया था जो कि घटना के दिन छुट्टी पर थे। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, मैं आप के संज्ञान में ये बात लाना चाहता हूँ कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत का सिलसिला अब तक थमा नहीं है। लगातार ख़बरें आरही हैं कि अभी भी बच्चों की मौत निरंतर हो रही है। कुछ दिनों पहले ही गोरखपुर के न्यूज़ पोर्टल ने एक ख़बर प्रकाशित की थी कि मेडिकल कॉलेज में पिछले 6 महीनों में 300 से ज़्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। एक दूसरी ख़बर के अनुसार मौत का ये आँकड़ा 445 के लगभग है। बच्चों की मौत का ये आंकड़ा चौंकाने वाला है और संदेह पैदा करने वाला भी है कि आख़िर मौत का ये सिलसिला संयोग मात्र है, लापरवाही है या फिर किसी साज़िश का हिस्सा? अगस्त 2017 में गोरखपुर मेडिकल कालेज में ऑक्सिजन की क़िल्लत से हुई बच्चों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। बच्चों की लगातार हो रही मौत से सारा देश ग़म में डूबा हुआ था। उस विषम परिस्थिति में कुछ लोगों ने अपनी मेहनत लगन और कर्तव्यनिष्ठा से बहुत से बच्चों की जान बचायी। इंसान के रूप में फ़रिश्ते बनकर लोगों की सहायता की और बहुत सी सम्भावित मौतों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन लोगों में सबसे प्रमुख नाम Dr. Kafeel Khan का है जिसे उस वक़्त बहुत से मीडिया चैनल्ज़ ने कवर किया था। कई दिनों तक न्यूज़ चैनल्ज़ पर Dr. Kafeel फ़रिश्ते बने रहे।
माननीय मुख्यमंत्री जी, जैसे ही आप का दौरा गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हुआ उसके बाद सारी कहानी बदलने लगी। Dr. Kafeel पर एक के बाद दूसरे आरोप लगाए जाने लगे। और फिर अंततः मीडिया Dr. Kafeel Khan को विलेन साबित करने में कामयाब हो गया। कुछ दिनों बाद बक़रीद के दिन Dr. Kafeel Khan की गिरफ़्तारी हो गयी । तब से अब तक लगभग 6 महीने हो चुके हैं और Dr. Kafeel Khan जेल में हैं।
महोदय, मैं आप से ये प्रश्न करना चाहता हूँ कि आख़िर इस बात की जाँच क्यों नहीं होनी चाहिए कि जब Dr. Kafeel Khan व अन्य आरोपी जेल में हैं तो फिर ये बच्चों की मौतों का सिलसिला कैसे बढ़ता जा रहा? ये मौत कैसे हो रही? अब कौन से कारण हैं जो लगातार हो रही मौत के ज़िम्मेदार हैं? अगर दोषी अंदर हैं तो बाहर कौन है जो मौत के कारोबार में संलग्न है? माननीय मुख्यमंत्री जी, हमें पूर्ण विशवाष है कि आपके निष्पक्ष जाँच के आदेश के पश्चात ही लोग जेलों में बंद हैं और निष्पक्ष जाँच में जो भी दोषी हो उसे सज़ा अवश्य होनी चाहिए।
मगर मैं बस आप का वचन याद दिलाकर एक विनती करना चाहता हूँ कि जिस गोरखपुर में आपने एतिहासिक शब्द कहा था कि मैं किसी के साथ भी धर्म, पंथ व सम्प्रदाय के आधार पर अन्याय नहीं होने दूँगा, उसी गोरखपुर की धरती पर गोरखपुर के लाल Dr.Kafeel Khan के साथ जाँच में भेदभाव होने की बातें सामने आरही हैं।
अगर ये सच है तो ये आप के न्याय के वचन और गोरखपुर की पावन धरती का अपमान होगा। माननीय योगी जी, बच्चों की मौत और उस से सम्बन्धित बहुत से पहलू हैं जिसकी आड़ में असल दोषी बचे हुवे हैं। अभी भी जो मौत की ख़बरें आरही हैं उनसे ये स्पष्ट है कि मौत का सम्बंध किसी और गिरोह व कारण से है। Dr. Kafeel Khan अपने विभाग में एक जूनियर डॉक्टर मात्र हैं जिन्हें कोई भी आर्थिक विभागीय निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त नहीं है जिसका उन्हें मुलज़िम बनाया गया है। अगर आप पुनः उच्च स्तरीय जाँच करवाएँ तो शायद असल दोषियों तक क़ानून का हाथ पहुँच सकता है। योगी जी, आप जैसे ईमानदार, धार्मिक और राष्ट्रवादी मुख्यमंत्री से ही निष्पक्ष जाँच की कामना की जा सकती है। धन्यवाद मसीहुज़्ज़मा अंसारी (उत्तर प्रदेश का एक मानवतावादी व राष्ट्रवादी नागरिक)

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