गगरीया के एमवीएम पब्लिक स्कूल में ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन के हेल्थ डिपार्टमेंट ने आयोजित किया प्रशिक्षण कार्यक्रम
ग्राउंड रिपोर्ट | एशिया टाइम्स | बाड़मेर, राजस्थान
राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में दूरियां और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच की चुनौतियां कई इलाकों में लोगों के लिए मुश्किलें पैदा करती हैं। ऐसे में आपात स्थिति के दौरान शुरुआती चिकित्सा सहायता की जानकारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए जिले के गगरीया स्थित एमवीएम पब्लिक स्कूल में बच्चों को प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट एड की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन के हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को प्राथमिक चिकित्सा के महत्व से परिचित कराना और उन्हें यह समझने में मदद करना था कि किसी आपात स्थिति में शुरुआती सहायता किस तरह उपयोगी हो सकती है।
केवल जानकारी नहीं, व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर ने बच्चों को प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित जरूरी जानकारियां दीं और उन्हें व्यावहारिक तरीके से समझाया कि आपात स्थिति में जिम्मेदारी और सावधानी के साथ किस तरह प्रतिक्रिया करनी चाहिए।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बच्चों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा गया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने स्वयं व्यावहारिक प्रदर्शन करके दिखाया कि उन्होंने क्या सीखा। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को प्रशिक्षण के दौरान समझी गई बातों को दोहराने और अपनी समझ प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
बच्चों के लिए क्यों जरूरी है फर्स्ट एड की जानकारी?
दुर्घटना, अचानक चोट या किसी अन्य आपात स्थिति में शुरुआती सहायता महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, प्राथमिक चिकित्सा का सही तरीका जानना और यह समझना भी जरूरी है कि किन परिस्थितियों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की मदद लेनी चाहिए।
बच्चों को कम उम्र से ही स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी जानकारी देना उनमें जिम्मेदारी, सतर्कता और दूसरों की मदद करने की भावना विकसित करने में सहायक हो सकता है। ऐसी ट्रेनिंग उन्हें यह समझने का अवसर देती है कि संकट की स्थिति में घबराने के बजाय सही जानकारी के आधार पर सुरक्षित कदम उठाना क्यों जरूरी है।
बच्चों ने बताया, ट्रेनिंग में क्या सीखा
प्रशिक्षण के बाद बच्चों ने अपने प्रदर्शन के जरिए सीखी गई बातों को सामने रखा। बच्चों और ट्रेनर की बातचीत से कार्यक्रम के उद्देश्य, प्रशिक्षण की प्रक्रिया और बच्चों के अनुभवों को समझने का अवसर मिलता है।
इस तरह की पहल का महत्व केवल एक दिन की ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है। प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी को नियमित रूप से दोहराना, व्यावहारिक अभ्यास कराना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन उपलब्ध कराना बच्चों के लिए इसे अधिक उपयोगी बना सकता है।
स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक पहल
गगरीया के एमवीएम पब्लिक स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल है। ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन के हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में बच्चों की भागीदारी ने प्राथमिक चिकित्सा को समझने और उसका अभ्यास करने का अवसर उपलब्ध कराया।
बुनियादी स्वास्थ्य जानकारी और प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी है। खासकर बच्चों को सुरक्षित तरीके से मदद करने का प्रशिक्षण देना उन्हें अधिक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित कर सकता है।
एशिया टाइम्स के लिए, बाड़मेर, राजस्थान।
