जयललिता की पूर्व सहयोगी शशिकला ने भरा 10 करोड़ का जुर्माना- और अब, वक्त से पहले होंगी रिहा
चेन्नई | तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की पूर्व सहयोगी और आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल की सजा काट रही वीके शशिकला ने बुधवार को बेंगलुरु की अदालत में 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भरा और जल्द ही उनकी रिहाई होने की उम्मीद है। उनके वकील ने इस बात की जानकारी दी।
वीके शशिकला के वकील एन राजा सेंतूर पांडियन ने बताया कि यह जुर्माना बेंगलुरु की एक कोर्ट में डिमांड ड्राफ्ट के तौर पर भरा गया है। पांडियन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि अब कोर्ट जेल प्रशासन को जुर्माने के भरे जाने की जानकारी देगा, 'मुझे लगता है कि उनको 27 जनवरी, 2021 की जमानत की तारीख से पहले रिहाई मिल सकती है।'
इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने स्पष्ट किया है कि शशिकला की संभावित रिहाई से अन्नाद्रमुक के, उनसे और उनके परिवार से दूरी बनाए रखने के रुख में बदलाव नहीं होगा।
पलानीस्वामी ने कहा कि पार्टी और सरकार दोनों ही शशिकला से दूरी बनाकर रखेंगी। कोयंबटूर में पलानीस्वामी ने कहा कि शशिकला के मामले में पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। वहीं, शशिकला के वकील राजा सेंतुर पांडियन ने बताया कि 10 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि बेंगलुरु की अदालत में जमा कराई गई। उन्होंने बताया, ‘अदालत जल्द ही जेल प्राधिकारियों को जुर्माना राशि जमा कराने की सूचना देगी और मुझे उम्मीद है कि वह जल्द रिहा होंगी, यह रिहाई पूर्व निर्धारित तारीख 21 जनवरी 2021 से पहले होगी।’
'शशिकला को वक्त से पहले रिहा किया जाएगा'
कैदियों के अच्छे व्यवहार पर सजा कम करने के प्रावधान का हवाला देते हुए वकील ने विश्वास व्यक्त किया कि शशिकला को समय से पहले रिहा कर दिया जाएगा और इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया जारी है। उल्लेखनीय है कि संपत्ति मामले में शशिकला के साथ उनके दो रिश्तेदार भी बेंगलुरु की परापन्ना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में चार साल सामान्य कारावास की सजा काट रहे हैं। इन तीनों पर अदालत ने 10 करोड़ रुपये के अलावा 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
ट्रायल कोर्ट ने 2014 को जे जयललिता और तीन अन्य पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया था. 18 साल पहले उनपर आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज हुआ था. उनपर 100 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया था. 2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया था. जे जयललिता का दिसंबर, 2016 में निधन हो गया था, जिसके बाद उनके खिलाफ कर्नाटक की अपील खारिज हो गई.
उनके निधन के अगले कुछ महीनों में शशिकला ने उनका कामकाज और AIADMK पार्टी की कमान संभाल ली. यहां तक कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद हासिल करने की कोशिशें भी कीं, लेकिन फिर उन्हें जेल हो गई. उन्होंने ओ पनीरसेल्वम को हटाकर पलानीसामी को मुख्यमंत्री बना दिया था.
बाद में पनीरसेल्वम और पलानीसामी ने मिलकर उन्हें और उनके भतीजे दिनाकरन को बाहर का रास्ता दिखा दिया. पिछले महीने शशिकला की 1500 की संपत्ति को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया था.
वीके शशिकला के वकील एन राजा सेंतूर पांडियन ने बताया कि यह जुर्माना बेंगलुरु की एक कोर्ट में डिमांड ड्राफ्ट के तौर पर भरा गया है। पांडियन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि अब कोर्ट जेल प्रशासन को जुर्माने के भरे जाने की जानकारी देगा, 'मुझे लगता है कि उनको 27 जनवरी, 2021 की जमानत की तारीख से पहले रिहाई मिल सकती है।'
इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने स्पष्ट किया है कि शशिकला की संभावित रिहाई से अन्नाद्रमुक के, उनसे और उनके परिवार से दूरी बनाए रखने के रुख में बदलाव नहीं होगा।
पलानीस्वामी ने कहा कि पार्टी और सरकार दोनों ही शशिकला से दूरी बनाकर रखेंगी। कोयंबटूर में पलानीस्वामी ने कहा कि शशिकला के मामले में पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। वहीं, शशिकला के वकील राजा सेंतुर पांडियन ने बताया कि 10 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि बेंगलुरु की अदालत में जमा कराई गई। उन्होंने बताया, ‘अदालत जल्द ही जेल प्राधिकारियों को जुर्माना राशि जमा कराने की सूचना देगी और मुझे उम्मीद है कि वह जल्द रिहा होंगी, यह रिहाई पूर्व निर्धारित तारीख 21 जनवरी 2021 से पहले होगी।’
'शशिकला को वक्त से पहले रिहा किया जाएगा'
कैदियों के अच्छे व्यवहार पर सजा कम करने के प्रावधान का हवाला देते हुए वकील ने विश्वास व्यक्त किया कि शशिकला को समय से पहले रिहा कर दिया जाएगा और इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया जारी है। उल्लेखनीय है कि संपत्ति मामले में शशिकला के साथ उनके दो रिश्तेदार भी बेंगलुरु की परापन्ना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में चार साल सामान्य कारावास की सजा काट रहे हैं। इन तीनों पर अदालत ने 10 करोड़ रुपये के अलावा 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
ट्रायल कोर्ट ने 2014 को जे जयललिता और तीन अन्य पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया था. 18 साल पहले उनपर आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज हुआ था. उनपर 100 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया था. 2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया था. जे जयललिता का दिसंबर, 2016 में निधन हो गया था, जिसके बाद उनके खिलाफ कर्नाटक की अपील खारिज हो गई.
उनके निधन के अगले कुछ महीनों में शशिकला ने उनका कामकाज और AIADMK पार्टी की कमान संभाल ली. यहां तक कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद हासिल करने की कोशिशें भी कीं, लेकिन फिर उन्हें जेल हो गई. उन्होंने ओ पनीरसेल्वम को हटाकर पलानीसामी को मुख्यमंत्री बना दिया था.
बाद में पनीरसेल्वम और पलानीसामी ने मिलकर उन्हें और उनके भतीजे दिनाकरन को बाहर का रास्ता दिखा दिया. पिछले महीने शशिकला की 1500 की संपत्ति को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया था.

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