इजराइल को अपने पैरों पर खड़ा होने दे अमेरिका:रामास्वामी बोले- राष्ट्रपति बना तो दूसरों की जंग में दखल नहीं दूंगा, विश्व युद्ध टालना जरूरी

अमेरिका के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की रेस में शामिल भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ने कहा है कि अमेरिका को अपने हथियार इजराइल भेजना बंद करना होगा। उसे पैसों से भी मदद नहीं करनी चाहिए। अमेरिका को सिर्फ कूटनीति के स्तर भी ही इजराइल का साथ देना चाहिए, तभी इजराइल अपने पैरों पर खड़ा हो पाएगा।

रामास्वामी ने बताया कि अगर वो राष्ट्रपति बनेंगे तो उनका पहला लक्ष्य तीसरा विश्व युद्ध होने से रोकना होगा। उन्होंने कहा- राष्ट्रपति बनने के बाद मैं हर अधिकारी को ये शपथ दिलवाऊंगा कि जंग कभी भी हमारी प्राथमिकता नहीं होगी। अमेरिकी सांसदों का पहला कर्तव्य अमेरिकी नागरिकों के लिए है।

रामास्वामी ने कहा- अगर आप अगले 20 सालों तक अपने हितों को छोड़कर बेवजह की जंग चाहते हैं तो मैं आपके लिए सही नहीं हूं। लेकिन अगर आप अमेरिका को इन युद्ध से दूर रखकर और मजबूत बनाना चाहते हैं तो मैं ये कर सकता हूं। रामास्वामी ने बताया कि बुधवार को मियामी में रिपब्लिकन पार्टी की तीसरी डिबेट में वो इसके लिए शपथ भी लेंगे।

अगस्त में रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए पहली डिबेट हुई थी। इस दौरान अपना-अपना पक्ष रखते रामास्वामी और हेली।
अगस्त में रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए पहली डिबेट हुई थी। इस दौरान अपना-अपना पक्ष रखते रामास्वामी और हेली।

रामास्वामी लेंगे नो टु निओकॉन्स की शपथ
रामास्वामी ने इस शपथ को नो टु निओकॉन्स नाम दिया है। यानी अमेरिका उस विचार पर नहीं चलेगा जिसमें शांति के लिए दूसरे देशों के अंतरराष्ट्रीय मामलों में दखल देने की बात कही गई है। साथ ही अमेरिका शांति के लिए ताकत का भी इस्तेमाल नहीं करेगा। कुछ हफ्तों पहले ही विदेश नीति को लेकर रामास्वामी और रिपब्लिकन पार्टी की ही दूसरी कैंडिडेट निक्की हेली के बीच बहस हुई थी।

इस पर रॉयटर्स से बात करते हुए रामास्वामी ने कहा- हेली अपनी आक्रामक विदेश नीतियों की वजह से अमेरिका को खूनी संघर्ष में खींच लेंगी। रिप्ब्लिकन पार्टी ने उम्मीदवार बनने की रेस में दूसरे नंबर पर चल रहे रामास्वामी कई मामलों में ट्रम्प से अलग विचार रखते हैं। इनमें से एक यूक्रेन जंग भी है। रामास्वामी का कहना है कि अमेरिका को जंग में युक्रेन की मदद बंद कर देनी चाहिए।

यूक्रेन को मदद करने के खिलाफ रामास्वामी
रामास्वामी के मुताबिक, यूक्रेन अपना पूर्वी हिस्सा को रूस दे दे और इसके बदले में रूस को चीन के साथ अपने सहयोग को खत्म करना होगा। रामास्वामी ने ये भी कहा था कि अमेरिका को यूक्रेन को NATO में शामिल नहीं होने देना चाहिए और रूस पर लगे सारे प्रतिबंधों को भी हटाया जाना चाहिए। वहीं ट्रम्प लगातार 24 घंटे में रूस-यूक्रेन जंग खत्म करवाने का दावा करते हैं।

इजराइल जंग पर भी ट्रम्प और रामास्वामी के विचार मेल नहीं खाते हैं। ट्रम्प ने कहा था कि हमास के खिलाफ लड़ाई में वो इजराइल की उस लेवल तक मदद करेंगे जितनी आज तक किसी ने नहीं की। वहीं रामास्वामी ने इजराइल की मदद रोकने की बात कही है। दूसरी तरफ, चीन-ताइवान मुद्दे पर भी रामास्वामी और ट्रम्प के विचार एक-दूसरे के उलट हैं।

तस्वीर में रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे ट्रम्प और दूसरे नंबर पर मौजूद विवेक रामास्वामी का है।
तस्वीर में रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे ट्रम्प और दूसरे नंबर पर मौजूद विवेक रामास्वामी का है।

ताइवान मुद्दे पर रामास्वामी-ट्रम्प के विचार अलग
रामास्वामी के मुताबिक, अमेरिका को ताइवान पर चीन का हमला रोकने के लिए सिर्फ तब तक मदद करनी चाहिए जब तक ताइवान हमें सेमीकंडक्टर दे रहा है। इस बीच सेमीकंडक्टर बनाने के लिए अमेरिका को ताइवान से इतर कोई जगह तलाशनी चाहिए।

हालांकि, ट्रम्प ऐसा नहीं मानते। चीन-ताइवन मुद्दे पर ट्रम्प ने हमेशा ताइवान का साथ दिया है। ट्रम्प ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर वो अमेरिकी सैनिकों को ताइवान में जंग लड़ने भेजेंगे।

 

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