विश्व मजदूर दिवस 2019 पर एशिया टाइम्स की खास रिपोर्ट : ऐसे मेहनत काश हाथों की मदद करें

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नई दिल्ली : (एशिया टाईम्स / अब्बू अनस की रिपोर्ट ) आज विश्व मजदूर दिवस है , यह कम उम्र बच्चा 29 अप्रैल 2018 को एशिया टाईम्स को अबुल फ़ज़ल एनक्लेव डी बलॉक में एक पोलिटिकल पार्टी के पोस्टर लगाने में मसरूफ नज़र आया । हमने बच्चे से पूछा बेटे स्कूल नहीं जाते ? कहने लगा पहले जाता था अब अम्मी काम पर भेजती हैं।
मुझे फोटो लेता देख दीवार की ओट में दूर खड़े पोस्टर लगवाने वाले ठेकेदार पर नज़र पड़ी तो वह शर्मिंदगी और घबराहट के दरमयान मुस्कुराते हुए कहने लगा भाई जान सस्ते मज़दुर मिलते कहाँ हैं ? क्या करूँ मुझे भी तो दो पैसे की बचत करनी है । देखिए मैंने ज़बरदस्ती इसको काम पर नहीं लगाया है ।
इस की माँ ने मुझे कह रखा है कि कुछ काम हो तो बताया करो, अब काम कर लेगा तो इसके के घर कुछ पैसे पहूंच जाऐंगे और मुझे थोड़ी अलग से इन्कम हो जाएगी । यह दूसरा बच्चा अख़बार फ़रोश है 6 माह पूर्व एक दिन अबुल-फ़ज़ल एनक्लेव ई बलॉक में सुबह सुबह इससे मुलाक़ात हुई बड़ी फुर्ती से नीचे से चौथी मंज़िल तक अख़बार पहूँचाता है। [caption id="attachment_5975" align="aligncenter" width="525"] नन्हा अख़बार फरोश [/caption] कहने लगा वह यह डयूटी कभी नहीं बंद नहीं करता और काम के साथ साथ स्कूल भी जाता है । सातवीं कक्षा में पढ़ रहा है ।
काश ! अगर हम लोग भरे पेट प्रोफ़ैशनल भिकारीयों को दी जाने वाली इमदाद से कुछ रक़म कम कर लें और ऐसे होनहार मेहनत-कश बच्चों की मजदूरी में कुछ उसे बढ़ा कर दे दिया करें तो ये बड़ा नेक काम होगा और इस से एक इज्ज़त दार ज़रूरतमंद ख़ानदान की मदद हो जाएगी और कल को यही बच्चा पढ़ लिख कर समाज को कुछ दे सकेगा ।
आइये ! हम सब इस आज विश्व मजदूर दिवस पर यह तय करें कि हम काम करने वाले हाथों की क़दर करेंगे , सब्ज़ी वाले , ठेले वाले, रिक्शे वाले से कुछ पैसों के लिए बेवजह बहस नहीं किया करेंगे बल्कि कभी कभी तयशुदा रक़म से कुछ ज़्यादा ही देंगे । इस तरह समाज का एक व्यक्ति मज़बूत होगा आप के इस उस से समाज मज़बूत होगा , समाज मज़बूत होगा तो देश आगे बढ़ेगा

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