‘वतन समाचार फोरम’ का सवाल सादा लेकिन था बहुत गंभीर ; क्या मुस्लिम नेतृत्व विफल रहा है?

||

नई दिल्ली : (एशिया टाइम्स / अबू अनस ) आम तौर पर प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में ,राजनैतिक ,सामाजिक , धार्मिक संगठन  विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस के लिए पहुँचते हैं ,मीडिया के सामने अपना मुद्दा बयाँ करते हैं और फिर मीडिया उनसे सवाल करता है , लेकिन ३० जून की शाम प्रेस क्लब में एक समूह ऐसा जमा हुआ जिसने खुद वहाँ मौजूद लोगों से  बड़ा सवाल पूछ  कर मुस्किल में डाल दिया . सवाल सादा लेकिन था बहुत गंभीर  ,क्या  मुस्लिम नेतृत्व विफल रहा है? यह बहस ‘वतन समाचार फोरम’ के बैनर तले हो रही थी , जिस में विभिन्न  सामाजिक और राजनैतिक विभूतियों ने  की शिरकत कुछ ने खुले तो कुछ ने  दबे लफ़्ज़ों में माना की हाँ मुस्लिम नेतृत्व  नाकाम रहा है [caption id="attachment_3978" align="aligncenter" width="717"] विभिन्न  सामाजिक और राजनैतिक विभूतियों ने  की शिरकत[/caption] लेकिन नेतृत्व पैदा कैसे हो इस पर कोई ठोस खाका किसी ने पेश नहीं किया , सभी  को इस बात का शदीद एहसास था की हम ने अपने नबी की ज़िन्दगी को अपनी ज़िन्दगी के लिए राहनुमा बनाना चाहिए , इसके  बिना मुस्लिम नेतृत्व कामयाब नहीं हो सकता.
बुनियादी सवाल है कि किसी भी  समाज में  एक लीडर का रोल क्या होता है ? इसका  बहुत सरल सा  जवाब है  लीडर वह होता है  जो रास्ता जनता है ,रास्ते पर चलता है और रास्ता दिखता है , लीडर वह है जो कम्युनिटी के लिए लक्ष्य पर आधारित स्पष्ट द्रष्टिकोण तय करता है ,उन्हें हौसला देता है , उनका मार्गदर्शन करता है नैतिक मूल्यों के आधार पर उन्हें तैयार करता है ,लीडर वह है जो लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रक्रिया में दूसरों को शामिल करता है।  यहाँ एक लम्हे के लिए ज़रा ठहरें और देखें क्या आप के आस पास कोई लीडर है ?
चर्चा की आरम्भ ग्रेट इंडिया वेलफेयर फाउंडेशन के चेयरमैन  नूरुल्लाह खान ने किया , उन्हों ने कहा की यह आज का  विषय अत्यंत गंभीर है , हमें लीडरशिप का हिसाब लेते समय अपने हिस्से के काम भी बताना होगा , हर व्यक्ति अहम् है और उसकी अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारी है. बी एम सी में कांग्रेस पार्टी के कॉर्पोरेटर और शिक्षा विध मुफ़्ती  सुफियान नियाज़ ऐ वाणु ने अपने संबोधन में कहा , लोग उलमा से कहते हैं कि आप सियासत न करें  जब अल्लाह के नबी ज़िन्दगी के सभी मामलों में सरगर्म रहे उन्हों ने मस्जिद नबवी में बैठ कर इबादत भी की और वहीं बैठ कर जंग की मंसूबा बंदी भी अंजाम दी , मदीना को इस्लामी रियासत बनाने की प्लानिंग  वहीं बैठ कर की , हमें उन्हीं बुनियादों पर काम करना होगा . इल्म को दीन और दुनिया के खाने  में न बांटें .  इस मौके पर मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के चांसलर फिरोज बख्त अहमद ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को सिर्फ शिक्षा और इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि कैसे समुदाय के बारे में बनी कुछ धारणाओं को बदला जाए। उन्होंने कहा,‘‘ हमें शिक्षा पर ध्यान देना होगा और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर लोगों की भलाई के बारे में सोचना होगा। उन्हों ने कहा सरकारों को बुरा  भला कहने के बजाये सरकारों से बात करने से होगा समस्या का समाधान, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ओल्ड बॉयज एसोसिएशन लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष मोहम्मद तारिक सिद्दीकी का मानना था की  मुसलमानों की समस्या  का हाल 1400 साल पहले ही नजर आता है. उन्हों ने पिछली सात सदी से मुस्लिम लीडरशिप को  पूरी तरह फ़ैल करार दिया . कहा जब इस्लाम कयामत तक के लिए एक फलसफ-ए- हयात है तो वह जदीद भी होगा मॉडर्न भी होगा साइंटिफिक भी होगा उसमें सारी चीजें होंगी. प्रोग्राम की अध्यक्षता कर रहे यूनाइटेड मुस्लिम्स फ्रंट के अध्यक्ष शाहिद अली एडवोकेट ने कहा कि मुस्लिम नेतृत्व विफल रहा या फिर उसे धोखा दिया गया यह एक अहम सवाल है. उन्हों ने अपने ताजर्बात की रोशनी में बताया कि मुस्लिम नेतृत्व 1925 से लगातार धोखा खाए जा रहा . [caption id="attachment_3976" align="aligncenter" width="616"] शाहिद अली एडवोकेट,मोहम्मद तारिक,नदीम जावेद[/caption] सबसे पहला धोखा मुसलमानों को संविधान बनने के बाद आर्टिकल 341 में PRESIDENTIAL आर्डर ला कर किया गया. दूसरा धोखा हमारी वक़्फ़ जमीनों को लूट कर किया गया, तीसरा धोखा  पुरातत्व  विभाग के जरिए मस्जिदों को वीरान कर के दिया गया और  चौथा धोका हज समिति एक्ट बना कर दिया गया, और हज को खराब करने के लिए सब्सिडी का खाना जोड़ दिया गया. संगोष्ठी को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग  के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नदीम जावेद ने कहा कि जब तक देश के मुसलमान दलित पीड़ित शोषित वंचित आदिवासी अल्पसंख्यक और क्रिश्चियन आगे नहीं बढ़ेंगे उस वक्त तक तरक्की का सपना अधूरा रहेगा. दीम जावेद ने कहा कि देश के मुस्लिम नेतृत्व के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती मिलीजुली संस्कृति को बचाने और समुदाय के भीतर के मतभेदों को खत्म करने की जरूरत है. इस अवसर पर जिन  को सम्मान मिला उन में, अज़ान ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर मोहम्मद अतहर, दा कंप्यूटर माइंड के चेयरमैन आरिफ जमाल ,साबरी यूनानी शिफा खाना के बानी हकीम सय्यद मोहम्मद तौफ़ीक़ अलीग, जिन का सम्मान हकीम खुर्शीद आलम ने प्राप्त किया. [caption id="attachment_3975" align="aligncenter" width="674"] इस अवसर पर जिन  को सम्मान मिला[/caption] शिक्षा विध मोहम्मद गौस, दिल्ली पंजाबी महा समाज के बानी मनोज नय्यर, सोशल एक्टिविस्ट बिलाल अहमद, समाजी खिदमतगार इरशाद अहमद,बी एम सी में कांग्रेस पार्टी के कॉर्पोरेटर और शिक्षा विध सुफियान नियाज़ ऐ वाणु  शामिल हैं प्रोग्राम का संचालन न्यूज़ पोर्टल  वतन समाचार डॉट कॉम  के सह संस्थापक मुहम्मद अहमद ने किया . बड़ी संख्या में मीडिया एवं पर्बुद्ध जनों ने शिरकत की    

0 comments

Leave a Reply