उत्तर प्रदेश: मेरठ में दर्जनों मुस्लिम परिवार पलायन को मजबूर, घरों के बाहर लगाया पोस्टर

नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले में दौराला थाना क्षेत्र के मवी मीरा गाँव के मुसलमान कथित रूप से गाँव के अन्य समुदाय द्वारा प्रताड़ित किये जाने के कारण पलायन करने को विवश हैं. गांव के दर्जनों मुसलमानों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा रखा है.

इंडिया टुमारो की रिपोर्ट के मुताबिक  गांव के कई मुस्लिम पीड़ित परिवारों ने अपनी बात साझा की है जिन्होंने अपने घर पोस्टर लगाया है और पलायन की योजना बना रहे हैं.

मेरठ के, मवी मीरा गाँव के शमशाद ने इंडिया टुमारो को बताया कि, “गाँव के गुज्जर आए दिन छोटी-छोटी बातों को लेकर हमें परेशान करते रहते हैं. जब मामला थाने तक जाता है तो रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए बैठाकर मामला सुलझा लेते हैं, मगर बाद में फिर से परेशान करना शुरू कर देते हैं. हम बहुत परेशान हो चुके हैं.”

गाँव में लगभग 40 घर ऐसे हैं जिन्होंने पलायन की योजना बनाई है और अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाया है.

पिछले दिनों गांव के एक मुस्लिम दूकानदार से गांव के ही गुर्जर युवक ने 20 रूपए का उधार सामान लिया. पैसे की बात को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ और मामला बढ़ गया.

मवी मीरा गाँव के शमशाद ने बताया कि, “गुर्जरों ने मुस्लिम दुकानदार के घर में घुसकर तोड़-फोड़ की और गोली भी चलाई. हालांकि मामले में प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई है.”

इस मामले में इंडिया टुमारो ने दौराला थाने के एसएचओ से बात की. उन्होंने घटना के बारे में बात करते हुए कहा, “एक सिगरेट को लेकर दो पक्षों में हलकी झड़प थी जिसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है. पलायन जैसा कोई मामला नहीं है.”

एसएचओ किरनपाल सिंह ने कहा, “विवाद में दोनों पक्षों में पत्थर चले थे हालांकि इस झड़प में  कोई घायल नहीं हुआ है. यह मामूली विवाद था.”  

गाँव के पीड़ित मुसलमानों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत जिले स्तर से लेकर राज्य स्तर तक की है मगर कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए हमने गाँव से पलायन करने का निर्णय लिया है.

शमशाद ने बताया, “गाँव में 2013 में एक क़ब्रिस्तान का मामला था जिसे सुलझा लिया गया था मगर उसके बाद से गांव के मुसलमानों को अक्सर अलग-अलग बहाने से परेशान किया जाता है.”

उन्होंने  बताया कि, “पिछले दिनों पैसे की लेन देन पर झगड़ा हुआ था जिसके बाद पीड़ित मुस्लिम के घर में घुसकर गुर्जरों ने तोड़-फोड़ की और गोली चलायी. थाने में हमारी कोई सुनवाई नहीं होती.”

गाँव के ही मोहम्मद शरीफ ने इंडिया टुमारो को बताया कि, “मेरठ में तीन जगह प्रशासन से शिकायत की गई है. थाने में मामला दर्ज नहीं होता. हर बार प्रशासन यह कह कर रिपोर्ट दर्ज नहीं करता कि गाँव में छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं. हालांकि गांव में गुर्जरों द्वारा हमला कर गोलियां भी चलाई गई हैं.”

मोहम्मद शरीफ कहते हैं कि यहाँ झगड़ों से हम तंग आचुके हैं. प्रशासन हमारी शिकायत नहीं सुनता और गाँव में रहने लायक माहौल नहीं है इसलिए हमने पलायन का इरादा किया है.

 

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