उद्योगपतियों से मिल कर सरकार दुवारा आम नागरिकों की हत्या गम्भीर परिणाम का संकेत--इंजीनियर उबैदुल्लाह

राजीव गाँधी समाज रतन अवार्ड से सम्मानित युवा सामाजिक कार्यकर्ता एवं बिहार मुस्लिम युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर उबैदुल्लाह ने तमिलनाडु में सेटरलाइट प्लांट का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस दुवारा फायरिंग को राजकीय आतंकवाद कहते हुए कहा कि ये इतिहास में उद्योगपतियों दुवारा लूट खसोट के काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।उन्हों ने कहा कि वर्तमान सरकार उद्योगिक घरानों के इशारों पर चल रही है जिसका ठोस प्रमाण यह है कि जिस कंपनी के कारण सरकार ने 13 भारतीय नागरिकों को गोलयों से भून दिया उसी कंपनी (वेदांता) के कारण ही सरकार ने FCRA अधिनियम में संशोधन भी कर दिा जिसके अंतर्गत 1976 से अबतक जितना भी चंदा राजनीतिक दलों को आया है उसका हिसाब अब नहीं देना होगा।इंजीनियर उबैदुल्लाह ने कहा कि खून के पियासे व्यक्ति की लालच और लाभ के लिए पुलिस की गोलयों से 13 जानें जा चुकी है और उस व्यक्ति की ढिटाई है कि उसने अपने साम्राज्य का नाम वेदांता रखा है।इंजीनियर उबैदुल्लाह ने कहा कि मोदी के सत्ता में आने के बाद मूलभूत सुविद्धाओं के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के साथ कुरुरता से निपटने के मामलों में विराधी हुई है। उन्हों ने कहा कि ये बात समझ से परे है कि इतना बड़ा नरसंहार का फैसला DGP ने स्वयं लिया होगा? और इस बात को भी जान ने की आवश्यकता है कि अनिल अग्रवाल के लिए इतने प्राणों की बलि क्यों दी गयी? इंजीनियर उबैदुल्लाह ने भारत के राष्ट्रपति से भी अपील किया है कि इस मामले में सतक्षेप करके आम नागरिकों के विरुद्ध हो रहे अत्याचार पर रोक लगाएं।

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