तो मतदाता के गर्मी की छुट्टियां मानाने के कारण हारी बीजेपी
उत्तर प्रदेश में कैराना और नूरपुर उपचुनाव के गुरुवार को परिणाम आए। दोनों सीटों पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। उपचुनाव में बीजेपी को एक के बाद एक मिल रही हार यूपी की योगी सरकार और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत बड़ा झटका है।
राजनीतिक जानकार इस हार का अपना अपना मतलब निकाल रहे है कोई कह रहा है कि यह माहगठबंधन की जीत है। लेकिन बीजेपी के लिए नाक का सवाल बनी कैराना की सीट के लिए तो कहा जा रहा है कि योगी का एक भाषण वहां भाजपा को ले डूबा। कैराना में भाजपा की जीत के लिए जाट वोट सबसे महत्वपूर्ण था. जाटों ने पिछले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में भाजपा का साथ देकर इसे साबित भी किया था। लेकिन शामली में अपनी आखिरी रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ वो गलती कर गए जिसकी कीमत भाजपा को हारकर चुकानी पड़ी।
योगी ने इस रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘‘बाप-बेटा (अजीत सिंह और जयंत) आज वोटों के लिए गली-गली भीख मांग रहे हैं’’।
बहरहाल चुनाव के नतीजे आ चुके है और हर कोई अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। विपक्ष इसके लिए अपनी एकता और केंद्र की नीतियों को ज़िम्मेदार बता रही है। वही बीजेपी के ही कुछ विधाकों ने हार के बाद अजीबों गरीब बयान देना शुरू कर दिया तो कोई अपनी ही सरकार पर उंगली उठा रहा है। आइये आपको बीजेपी विधायकों के उन बयानों से रूबरू कराते है
हरदोई के गोपामऊ से बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने सोशल मीडिया के जरिए योगी आदित्यनाथ पर इशारे ही इशारे में तंज किया। बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने फेसबुक पर कविता पोस्ट कर सरकार को आईना दिखाया है।
फेसबुक पर विधायक ने जो कविता पोस्ट की है, उसमें लिखा है…
पहले गोरखपुर, फूलपुर और अब कैराना, नूरपुर में भाजपा की हार का है हमें दुख...
वर्तमान हकीकत की पांच लाइनें
मोदी नाम से पा गए राज।
कर न सके जनता मन काज।।
संघ,संगठन हाथ लगाम।
मुख्यमंत्री भी असहाय।।
जनता और विधायक त्रस्त।
अधिकारी,अध्यक्ष भी भ्रष्ट।।
उतर गई पटरी से रेल।
फेल हुआ, अधिकारी राज।।
समझदार को है ये इशारा।
आगे है अधिकार तुम्हारा।।
इसके बाद यूपी के एक कैबिनेट मंत्री ने बीजेपी की हार का जो कारण गिनाया है वो बिल्कुल अनूठा है। उनका कहना है कि बीजेपी के मतदाताओं के गर्मी की छुट्टियों पर जाने की वजह से पार्टी की हार हुई।
योगी सरकार में धर्मार्थ और संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी का कहना है कि बीजेपी के मतदाता गर्मी की छुट्टियां मनाने चले गए थे इसलिए वोट नहीं डाल सके और पार्टी की हार हुई।
हालांकि चौधरी ने इस बात को कबूल किया कि विपक्षी महागठबंधन भी बीजेपी की हार की बड़ी वजह बना। चौधरी ने कहा कि इस हार को पार्टी चुनौती के तौर पर लेगी और आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी को बेहतर रिजल्ट मिलेंगे।
अब सब हार के अपने अपने कारण गिना रहे थे तो बलिया के बैरिया विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी पीछे रहना सही नही समझा और कैराना उपचुनाव में पार्टी की हार के लिए अपना कारण गिनाया।
सुरेंद्र सिंह ने दो कदम आगे जाते हुए पीएम मोदी की जनसभा न होने को हार का कारण बता दिया। सुरेंद्र सिंह के मुताबिक कैराना उपचुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोई जनसभा नहीं रखी गई, इसलिए पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि चुनाव मोदी बनाम सभी विपक्षी पार्टियां से हो रहा है, ऐसे में पीएम की रैली जरूरी थी। सुरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व भारी बताया।
सुरेंद्र सिंह इतने पर ही नहीं रुके उन्होंने हार की बड़ी वजह भ्रष्टाचार को भी बताया। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, इसलिए भी चुनाव हारे।
बहरहाल बीजेपी की उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में हार की जो भी वजह रही हो लेकिन बीजेपी के अपने ही विधायक और मंत्री जिस तरह से हार के कारणों पर अलग अलग ब्यान दे रहे है उससे हमको इस तनाव भरी ज़िन्दगी में थोड़ा सा मुस्कुराने की वहज मिल रही है।

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