तारिक़ क़ासमी की फाइनल हियरिंग शुरू हो गई है

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जनता दरबार: खालिद मुजाहिद और तारिक़ क़ासमी को दिसम्बर 2007 में बसपा सरकार के समय मे आज़मगढ़ और जौनपुर से STF ने किडनैप किया और आतंकवादी बना दिया|
निमेष मिश्रा कॉमिशन ने इनको निर्दोष बताया लेकिन उसके बाद बारी थी सपा सरकार के असली चेहरे की निमेष मिश्रा की रिपोर्ट लागू नही करी गई और खालिद मुजाहिद की पुलिस कस्टडी में मौत हो गयी ,मौत क्या हुई मारा गया जिसमे पुलिस के बड़े बड़े अधिकारी शामिल थे, समाजवादी सरकार में उनको बचाया गया|
बरहाल तारिक़ क़ासमी की अब फाइनल हियरिंग शुरू हो गई APCR और जमीयत मिल कर इस केस को देख रहे है APCR के साथी वकील Abubakr Sabbaq का गुलज़ार वाणी के बाद ये महत्वपूर्ण केस है उम्मीद है जिस तरह कई साल बाद गुलज़ार वानी ने जेल से बाहर निकल कर आज़ादी की सांस ली है उसी तरह तारिक़ क़ासमी भी 11 साल बाद निर्दोष साबित होंगे| नदीम खान (प्रसिद्ध समाजिक कार्यकर्ता)

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