सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा ताजमहल को संभाल नही सकती तो ढहा दे

ताजमहल के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार ताजमहल को संभाल नही सकती तो बंद कर दे या ढहा दे। जस्टिस मदन भीमराव लोकुर ने तंज़ करते हुए कहा कि एफ़िल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग आते है, जबकि ताजमहल के लिए 5 मिलियन लोग आते है। आप ताजमहल को लेकर संजीदा नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है। हमारा ताज ज्यादा खूबसूरत है और आप टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है। ये देश का नुकसान है, ताजमहल को लेकर उदासीनता है। क्योंकि आपको ताजमहल को बचाने, टूरिस्टों के लिए सुविधा बढ़ाने से ज़्यादा इसे बिगाड़ने की चिंता है। सुप्रीम कोर्ट ने फिर सवाल उठाया कि टीटीज़ेड (ताज ट्रैपेज़ियम जोन) एरिया में उद्योग लगाने के लिए लोग अर्ज़ी दाखिल कर रहे हैं और उनके आवेदन पर विचार किया जा रहा है, ये आदेशों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा पीएचडी चेंबर्स को कहा है कि जो इंड्रस्‍टी चल रही है उसको क्यों ना आप खुद बंद करें। तब टीटीज़ेड की तरफ से कहा गया कि वो अब टीटीज़ेड में कोई नई फैक्ट्री खोलने आई इजाजत नहीं देंगे। सुप्रीम कोर्ट ने टीटीज़ेड के चेयरमैन को नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट में तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अब 31 जुलाई से डे टू डे सुनवाई करेगा।

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