सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान मंगलवार को दो दिनों की यात्रा पर भारत पहुंचे, एयरपोर्ट पर PM मोदी ने किया स्वागत
नई दिल्ली (एशिया टाइम्स विशेष ) सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान मंगलवार को दो दिनों की यात्रा पर भारत पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया. इस दौरान उनके साथ विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह भी थे. शाहजादे के दौरे के दौरान पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का विषय एक प्रमुख मुद्दा रहेगा. साथ ही दोनों देश रक्षा संबंधों में बढ़ोतरी पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें संयुक्त नौसेना अभ्यास शामिल है.
यह उनका पहला सरकारी दौरा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी शिष्टमंडल स्तर की बैठक हैदराबाद हाऊस में होगी. प्रधानमंत्री द्वारा सऊदी अरब के शहजादे के सम्मान में भोज दिया जायेगा. वह राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगे .
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विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव टीएस त्रिमूर्ति के अनुसार, सऊदी नेता के दौरे में दोनों पक्षों के बीच निवेश, पर्यटन, आवास और सूचना तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में पांच समझौतों पर दस्तखत होने की उम्मीद है. इस दौरे से भारत-सऊदी द्विपक्षीय संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत होगी. बता दें कि सऊदी अरब, भारत का चौथा सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी है. सऊदी अरब ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो कच्चे तेल के संबंध में 17 प्रतिशत और एनपीजी के संबंध में 32 प्रतिशत जरूरतों की आपूर्ति करता है. दोनों देश खाद्य सुरक्षा, आधारभूत ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्वरक जैसे क्षेत्रों में संयुक्त गठजोड़ बढ़ाने को इच्छुक हैं.
Reham Al-Shamrani, from Alkobar admitted to some hesitation before hitting the Saudi streets for the first time. (Supplied photo)[/caption]
एक ऐसा सऊदी अरब जिसकी विकास यात्रा में सऊदी अरब के हर वर्ग का रोल हो ,सऊदी युवा अपना किरदार अदा करें तो महिलाओं की सक्रीय भागीदारी हो . सऊदी अरब का कहना है कि दुनिया भर में इस धरती की दिल की हैसियत है. खास तौर से मुस्लिम जगत इस को उम्मीद की निगाह से देखता है .
सऊदी अरब का कहना कि विज़न 2030 की खास बात यह है कि यह विकास की इस्लामी परिकल्पना के अनुरूप है . सऊदी समाज के सभी वर्गों को विकास के इस सफ़र में शामिल किया गया है.
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Effat University is a pioneer in creating world-class educational opportunities for Saudi women. (AN photo by Huda Bashatah)[/caption]
खास तौर से सऊदी अरब की महिला भागीदारी को सामने लाने की कोशिश की जा रही है , महिला सशक्तिकरण के सम्बन्ध में पिछले दो वर्षों में सऊदी अरब ने ऐसे कई बड़े फैसले ले कर पश्चमी दुनिया को हैरान कर दिया है , क्योंकि पश्चमी दुनिया में जब कभी सऊदी अरब का नाम लिया जाता था उसकी सब से बड़ी पहचान महिला विरोधी के तौर पर पेश की जाती थी जबकि अरब का इतिहास उठा कर देखें तो सऊदी अरब का महिला सशक्तिकरण का क़दम नया नहीं है , बल्कि अरब के उस कल्चर को पुनर्जीवित करने की कोशिश की गई है जिस समाज में इस्लाम के आखिरी पैगम्बर मुहम्मद (स) की बीवी खदीजा (रजि) जैसी कामयाब व्यपारी थीं.
मूल रूप से विज़न 2030 के तीन अहम् हिस्से हैं . जीवंत समाज, समृद्ध अर्थव्यवस्था एवं महत्वाकांक्षी मातृभूमि। इन्ही लक्ष्यों को पाने के लिए क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान प्रयासरत हैं .
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MoU signed to empower Saudi women in industrial sector[/caption]
सऊदी मामलों के जानकारों के मताबिक विजन 2030 के अंतर्गत सभी सरकारी संस्थानों को व्यवस्थित करने और विभिन्न विभागों की संरचना में बदलाव शुरू कर दिया गया है। विजन 2030 सऊदी के लोगों के लिए जीवन का लक्ष्य बन गया है खास तौर से सऊदी महिलाओं को बहुत मौक़ा देने वाला है और अब सऊदी महिलाऐं विकास की धुरी बन रही हैं. सऊदी के श्रम मंत्री Dr. Ali bin Nasser Al-Ghafis ने कुछ माह पूर्व कहा था की महिलाऐं हमारी ताक़त हैं , हम उनके विकास के लिए दृढ संकल्प हैं , उनको मौका देने की हमारी पूरी कोशिश है , समाज के आर्थिक विकास में उनकी भागी दारी सुनिश्चित की जा रही है .
यह विज़न 2030 से ही संभव हुआ है की आज सऊदी महिलाऐं आगे बढ़ रही हैं , बड़े बड़े संस्थानों की ज़िम्मेदारी उठा रही हैं कार ड्राइविंग कर रही हैं , गलियों में जोगिंग करते अब स्टेडियम तक पहुँच चुकी हैं. यह सब कुछ बड़ी तेज़ी से पिछले दो वर्ष में संभव हुआ है जिसका श्रेय सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को जाता है .
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Saudi women now occupy nearly half of retail jobs, says report[/caption]
ऐसा माना जा रहा है कि 2030 में श्रम बाजार में सऊदी महिलाओं की भागीदारी में 22% से 30% होगी, जो जीडीपी में 3% की वृद्धि का कारण होगी जून 2017 में महिलाओं को ड्राइविंग का तोहफा मिला . इसी बीच दशकों से सिनेमा पर लगी पाबंदी हटा दी गई जिस से अब मनोरंजन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा .करोड़ों डॉलर की लगत से टूरिज्म का विस्तार शुरू हुआ है मिस्र्स से लगे सऊदी अरब के तटवर्ती शेत्र में टूरिज्म का विस्तार भी विज़न 2030 की कड़ी है . इस के अलावा सऊदी महिलाओं को व्यापर की आज़ादी और अवसर प्रदान किया जा रहा है .
सऊदी महिलाऐं अब अपने बुनियादी अधिकारों शिक्षा,स्वास्थ तक पहुँच बनाने में सफल हुई हैं अब इसके लिए उन्हें अपने घर के पुरुषों से इजाज़त की आवश्यकता नहीं होगी ,पहले उनको अपना कारोबार शुरू करने के लिए अपने घर के पुरुषों से इजाज़त लेना अनिवार्य था लेकिन अब यह अनिवार्यता ख़त्म कर दी गई है . इस फैसले से सऊदी अरब में महिला उद्यमियों की संख्या बढ़ना स्वभाविक है.
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The move aims to support Saudi women in purchasing property. (SPA)[/caption]
आंकड़े बताते हैं की सऊदी अरब में 2013 से अब तक निजी शेत्र में महिलाओं की भागीदारी 130 प्रतिशत तक बढ़ गई है जो एक रिकॉर्ड है. महिला सशक्तिकरण की बड़ी मिसाल सारह अल सुहैमी हैं जिनको फ़रवरी 2017 में सऊदी अरब स्टॉक एक्सचेंज का मुखिया बनाया गया . दूसरी मिसाल Tamadur bint Youssef al-Ramah की है इनको पहली उप श्रम मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया है .
लेकिन इतना कुछ करने के बावजूद मंजिल अभी दूर है . 2016 में जारी ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट के
मुताबिक महिला सशक्तिकरण के मामले में सऊदी अरब 144 देशों की रैंक में 141 वें पायदान पर था .
लेकिन निश्चय ही अब अगली रिपोर्ट में सऊदी की रैंकिंग में बेहतरी ज़रूर होगी और इसका पूरा क्रेडिट क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को जाता है .
लेकिन
यह इश्क नहीं आसां बात इतना समझ लीजिए
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
कौन हैं ? क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान और क्या हैं उनके सपने ?
क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान सऊदी महिलाओं को सशक्त करने और सऊदी अरब को बड़ी शक्ति बनाने के लिए हैं अतिगंभीर
दुनिया के तेज़ी से बदलते सामाजिक,आर्थिक एवं राजनैतिक परिवेश में सऊदी अरब ने 2017 में विज़न 2030 के नाम से एक बड़ा क़दम उठाने का एलान किया था जो अब हकीकत में तब्दील होता दिखाई दे रहा है . सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान विज़न 2030 को लेकर काफी गंभीर हैं . उन्हों ने दुनिया में एक विकसित ,प्रगतिशील सऊदी अरब की तस्वीर पेश करने की ठानी है . वह दुनिया को यह बता देना कहते हैं कि रेत के पेट से पेट्रोलियम निकालने वाला सऊदी अरब अब अपनी आर्थिक प्रगति के लिए सिर्फ पेट्रोल पर ही निर्भर नहीं रहेगा बल्कि मानवसंसाधन को विकसित कर व्यापर , टूरिज्म व अन्य संसाधनों को उपयोग में लाकर एक समृद्ध सऊदी अरब का निर्माण करेंगे. [caption id="" align="aligncenter" width="761"]
Reham Al-Shamrani, from Alkobar admitted to some hesitation before hitting the Saudi streets for the first time. (Supplied photo)[/caption]
एक ऐसा सऊदी अरब जिसकी विकास यात्रा में सऊदी अरब के हर वर्ग का रोल हो ,सऊदी युवा अपना किरदार अदा करें तो महिलाओं की सक्रीय भागीदारी हो . सऊदी अरब का कहना है कि दुनिया भर में इस धरती की दिल की हैसियत है. खास तौर से मुस्लिम जगत इस को उम्मीद की निगाह से देखता है .
सऊदी अरब का कहना कि विज़न 2030 की खास बात यह है कि यह विकास की इस्लामी परिकल्पना के अनुरूप है . सऊदी समाज के सभी वर्गों को विकास के इस सफ़र में शामिल किया गया है.
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Effat University is a pioneer in creating world-class educational opportunities for Saudi women. (AN photo by Huda Bashatah)[/caption]
खास तौर से सऊदी अरब की महिला भागीदारी को सामने लाने की कोशिश की जा रही है , महिला सशक्तिकरण के सम्बन्ध में पिछले दो वर्षों में सऊदी अरब ने ऐसे कई बड़े फैसले ले कर पश्चमी दुनिया को हैरान कर दिया है , क्योंकि पश्चमी दुनिया में जब कभी सऊदी अरब का नाम लिया जाता था उसकी सब से बड़ी पहचान महिला विरोधी के तौर पर पेश की जाती थी जबकि अरब का इतिहास उठा कर देखें तो सऊदी अरब का महिला सशक्तिकरण का क़दम नया नहीं है , बल्कि अरब के उस कल्चर को पुनर्जीवित करने की कोशिश की गई है जिस समाज में इस्लाम के आखिरी पैगम्बर मुहम्मद (स) की बीवी खदीजा (रजि) जैसी कामयाब व्यपारी थीं.
मूल रूप से विज़न 2030 के तीन अहम् हिस्से हैं . जीवंत समाज, समृद्ध अर्थव्यवस्था एवं महत्वाकांक्षी मातृभूमि। इन्ही लक्ष्यों को पाने के लिए क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान प्रयासरत हैं .
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MoU signed to empower Saudi women in industrial sector[/caption]
सऊदी मामलों के जानकारों के मताबिक विजन 2030 के अंतर्गत सभी सरकारी संस्थानों को व्यवस्थित करने और विभिन्न विभागों की संरचना में बदलाव शुरू कर दिया गया है। विजन 2030 सऊदी के लोगों के लिए जीवन का लक्ष्य बन गया है खास तौर से सऊदी महिलाओं को बहुत मौक़ा देने वाला है और अब सऊदी महिलाऐं विकास की धुरी बन रही हैं. सऊदी के श्रम मंत्री Dr. Ali bin Nasser Al-Ghafis ने कुछ माह पूर्व कहा था की महिलाऐं हमारी ताक़त हैं , हम उनके विकास के लिए दृढ संकल्प हैं , उनको मौका देने की हमारी पूरी कोशिश है , समाज के आर्थिक विकास में उनकी भागी दारी सुनिश्चित की जा रही है .
यह विज़न 2030 से ही संभव हुआ है की आज सऊदी महिलाऐं आगे बढ़ रही हैं , बड़े बड़े संस्थानों की ज़िम्मेदारी उठा रही हैं कार ड्राइविंग कर रही हैं , गलियों में जोगिंग करते अब स्टेडियम तक पहुँच चुकी हैं. यह सब कुछ बड़ी तेज़ी से पिछले दो वर्ष में संभव हुआ है जिसका श्रेय सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को जाता है .
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Saudi women now occupy nearly half of retail jobs, says report[/caption]
ऐसा माना जा रहा है कि 2030 में श्रम बाजार में सऊदी महिलाओं की भागीदारी में 22% से 30% होगी, जो जीडीपी में 3% की वृद्धि का कारण होगी जून 2017 में महिलाओं को ड्राइविंग का तोहफा मिला . इसी बीच दशकों से सिनेमा पर लगी पाबंदी हटा दी गई जिस से अब मनोरंजन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा .करोड़ों डॉलर की लगत से टूरिज्म का विस्तार शुरू हुआ है मिस्र्स से लगे सऊदी अरब के तटवर्ती शेत्र में टूरिज्म का विस्तार भी विज़न 2030 की कड़ी है . इस के अलावा सऊदी महिलाओं को व्यापर की आज़ादी और अवसर प्रदान किया जा रहा है .
सऊदी महिलाऐं अब अपने बुनियादी अधिकारों शिक्षा,स्वास्थ तक पहुँच बनाने में सफल हुई हैं अब इसके लिए उन्हें अपने घर के पुरुषों से इजाज़त की आवश्यकता नहीं होगी ,पहले उनको अपना कारोबार शुरू करने के लिए अपने घर के पुरुषों से इजाज़त लेना अनिवार्य था लेकिन अब यह अनिवार्यता ख़त्म कर दी गई है . इस फैसले से सऊदी अरब में महिला उद्यमियों की संख्या बढ़ना स्वभाविक है.
[caption id="" align="aligncenter" width="739"]
The move aims to support Saudi women in purchasing property. (SPA)[/caption]
आंकड़े बताते हैं की सऊदी अरब में 2013 से अब तक निजी शेत्र में महिलाओं की भागीदारी 130 प्रतिशत तक बढ़ गई है जो एक रिकॉर्ड है. महिला सशक्तिकरण की बड़ी मिसाल सारह अल सुहैमी हैं जिनको फ़रवरी 2017 में सऊदी अरब स्टॉक एक्सचेंज का मुखिया बनाया गया . दूसरी मिसाल Tamadur bint Youssef al-Ramah की है इनको पहली उप श्रम मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया है .
लेकिन इतना कुछ करने के बावजूद मंजिल अभी दूर है . 2016 में जारी ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट के
मुताबिक महिला सशक्तिकरण के मामले में सऊदी अरब 144 देशों की रैंक में 141 वें पायदान पर था .
लेकिन निश्चय ही अब अगली रिपोर्ट में सऊदी की रैंकिंग में बेहतरी ज़रूर होगी और इसका पूरा क्रेडिट क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को जाता है .
लेकिन
यह इश्क नहीं आसां बात इतना समझ लीजिए
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है

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