पुतिन के सबसे बड़े विरोधी नवलनी की जेल में मौत:2021 में हुई थी 19 साल की सजा, आर्कटिक की सबसे ठंडी जेल में कैद थे
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सबसे बड़े विरोधी एलेक्सी नवलनी की जेल में मौत हो गई है। रूस की तास न्यूज एजेंसी ने इसका दावा किया है। नवलनी रूस की सबसे खतरनाक जेल पोलर वुल्फ में कैद थे। उनकी मौत रूस में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से ठीक एक महीने पहले हुई है।
वहां 15 से 17 मार्च को चुनाव होंगे। नवलनी को 2021 में 19 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया है कि राष्ट्रपति पुतिन को विपक्ष के नेता एलेक्सी नवलनी की मौत की जानकारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ डॉक्टर ही उनकी मौत की वजह साफ कर पाएंगे।
2 महीने पहले यानी दिसंबर में उनके पोलर वुल्फ जेल में कैद होने की बात सामने आई थी। इससे पहले वो 2 हफ्तों तक गायब थे। आर्कटिक की जिस जेल में उन्हें रखा गया था वहां पारा -28 डिग्री तक जाता है। उनके वकील ने कहा था कि उन्हें चुनाव से दूर रखने के लिए आर्कटिक की जेल में भेजा गया है।

शाम को टहलकर लौटने के बाद तबियत बिगड़ने की शिकायत की थी
रूस के जेल अधिकारियों ने कहा- एलेक्सी नवलनी शुक्रवार को आर्कटिक सर्कल की जेल में बेहोश होकर गिर गए थे। उनकी तबियत खराब थी, वो शाम को टहलकर वापस लौटे थे, जिसके बाद उन्होंने अच्छा महसूस नहीं होने की शिकायत की थी। इसके बाद वो बेहोश होकर गिर गए थे।
जेल अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने तुरंत मेडिकल टीम और एंबुलेंस को बुलाया था। हालांकि, डॉक्टरों ने वहां पहुंचते ही नवलनी को मृत घोषित कर दिया। हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक पिछले हफ्ते उनकी तबियत ठीक लग रही थी। गुरुवार यानी कल ही नवलनी की ऑनलाइन सुनवाई हुई थी, इसका एक वीडिया टेलीग्राम पर शेयर किया जा रहा है। इसमें नवलनी मजाक करते हुए दिखाई दिए थे।
उन्होंने खुद पर लग जुर्माने पर मजाकिया लहजे में जज को कहा था- आपके फैसलों की वजह से मेरे पैसे खत्म होते जा रहे हैं। आप अपने वेतन का कुछ हिस्सा मुझे भी दे दीजिए।
आखिरी मैसेज में पत्नी को लिखा था- तुम हमेशा मेरे पास हो
जेल में होने के बावजूद नवलनी सोशल मीडिया पर एक्टिव थे। वो उसी के जरिए अपने वकीलों और दुनिया तक संदेश पहुंचाते थे। उनके आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में नवलनी ने पत्नी को वैलेंटाइन डे विश किया था। उन्होंने लिखा था- हम बेशक बर्फीले तूफान और हजारों किलोमीटर की दूरी से जुदा हैं। फिर भी मुझे महसूस होता है कि तुम हर पल मेरे साथ हो। तुम्हारे प्रति मेरा प्यार बढ़ता जाता है।

2020 में फ्लाइट में जहर देने की कोशिश हुई
नेवलनी पर 2017 में जानलेवा हमला हुआ था। हमले में उनकी आंख में गंभीर चोट आई थी। साल 2018 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होने की कोशिश की लेकिन धोखाधड़ी के आरोप के चलते वो ऐसा न कर सके। एलेक्सी ने इसे सरकार की साजिश बताया था। जुलाई 2019 में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने के ऐलान के बाद नेवलनी को 1 महीने की जेल हुई थी।
उस वक्त जेल में तबियत बिगड़ने के बाद कहा गया कि नवलनी को जहर देने की कोशिश हुई है। इसके बाद साल 2020 में भी उन्हें जहर देने की कोशिश की गई। वह फ्लाइट में बेहोशी की हालत में पाए गए थे, जिसके बाद फ्लाइट की जर्मनी में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ठीक होने के बाद गिरफ्तारी की खतरे के बावजूद नवलनी 2021 में रूस लौटे। रूस में कदम रखते ही सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

नवलनी पर बनी डॉक्यूमेंट्री को ऑस्कर मिला
नवलनी ने यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन के खिलाफ जेल से अभियान चलाया था। CNN के मुताबिक, अगस्त में सजा सुनाए जाने के बाद नवलनी ने कहा था कि सालों की ये सजा उनके लिए मायने नहीं रखती। 2023 में रूस के एलेक्सी नवलनी पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने ऑस्कर अवॉर्ड जीता था। इस डॉक्यूमेंट्री का नाम 'नेवलनी' है।
अवॉर्ड को रिसीव करने के लिए नवलनी की पत्नी युलिया नवलनया स्टेज पर पहुंचीं थीं। इस दौरान युलिया ने भावुक होते हुए कहा था- मेरे पति जेल में हैं केवल इसलिए कि उन्होंने सच कहा और लोकतंत्र को बचाने की कोशिश की। मैं उस दिन का इंतजार कर रही हूं जिस दिन तुम और हमारा देश आजाद होंगे।
नेवलनी पर बनी डॉक्यूमेंटरी में क्या है?
अमेरिकी कंपनी CNN और HBO ने मिलकर ये डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इसमें साइबेरिया में नवलनी पर हुए जानलेवा हमले से लेकर उनके रूस जाने और वहां गिरफ्तार होने की कहानी है। डॉक्यूमेंट्री में नवलनी के रूस में लोकतंत्र लाने और पुतिन के खिलाफ संघर्ष और इस दौरान झेली गई परेशानियों को दिखाया गया है।
23 साल से रूस पर पुतिन का राज
पुतिन पहली बार साल 2000 में रूस के राष्ट्रपति बने थे। इससे पहले 1999 में उन्हें रूस के पहले राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने बतौर PM चुना था। 2000 से 2008 तक लगातार 2 कार्यकाल के दौरान पुतिन रूस के राष्ट्रपति पद पर काबिज रहे। रूस के संविधान के मुताबिक, पुतिन लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सकते थे।ऐसे में साल 2008 में पुतिन के सबसे बड़े समर्थकों में शामिल दिमित्री मेदवेदेव राष्ट्रपति बने।
इस दौरान पुतिन ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री पद संभाला। 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति मेदवेदेव ने अपनी पार्टी से पुतिन को प्रेसिडेंट कैंडिडेट के लिए नॉमिनेट करने को कहा। इसके बाद 2012 के चुनाव में पुतिन ने दोबारा जीत हासिल की और वो सत्ता में लौट आए।

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