रूस के दो शहरों पर वैगनर का कब्जा:प्राइवेट आर्मी अब मॉस्को से 360 किमी दूर; पुतिन बोले- कड़ा जवाब देंगे
यूक्रेन जंग में रूस का साथ देने वाली प्राइवेट आर्मी वैगनर ने विद्रोह कर दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक वैगनर ने वोरोनेज और रोस्तोव शहर पर कब्जा कर लिया है। रोस्तोव का मिलिट्री हेडक्वार्टर भी वैगनर के कब्जे में है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, रूस के लिपेत्स्क प्रांत के गवर्नर ने कहा है कि वैगनर ग्रुप उनके इलाके में घुस चुका है। लिपेत्स्क मॉस्को से 360 किलोमीटर दूर है।
अल-जजीरा ने खबर दी है कि प्राइवेट आर्मी मॉस्को की तरफ बढ़ रही है। मॉस्को की सड़कों पर बख्तरबंद गाड़ियां और रूस की सेना तैनात कर दी गई है। शहर में हाई अलर्ट है और राजधानी को जोड़ने वाला हाईवे बंद कर दिया गया है। राजधानी में 1 जुलाई तक सभी बाहरी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। मेयर ने लोगों से घरों में रहने के लिए कहा है।
वैगनर की बगावत की खबर आने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा- वैगनर ने पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने देश की जनता को धोखा दिया है। यह सेना को चुनौती है। हम हर हाल में नागरिकों की रक्षा करेंगे।

पुतिन ने कहा- महत्वाकांक्षा और निजी हितों के चलते हमारे साथ ये विश्वासघात हुआ है। जो कोई भी विद्रोह करेगा उसे दंडित किया जाएगा। उन्हें कानून और हमारे लोगों को जवाब देना होगा। जिसने भी जानबूझकर देशद्रोह का रास्ता अपनाया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम सभी खतरों के खिलाफ अपने लोगों और देश की सुरक्षा करेंगे।
प्रिगोजिन के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज
राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के आदेश के बाद रूसी जांच एजेंसी FSB ने वैगनर चीफ प्रिगोजिन के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया है। उन पर सशस्त्र विद्रोह भड़काने का आरोप लगाया गया है। लड़ाकों से उनका कोई आदेश न मानने और उन्हें हिरासत में लेने को कहा गया है।

वैगनर की बगावत से जुड़े अपडेट्स...
- रोस्तोव में वैगनर के लड़ाकों के पहुंचने के बाद मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा- सुरक्षा मजबूत करने के लिए आतंकवाद विरोधी उपाय किए जा रहे हैं।
- न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक रोस्तोव के मेयर ने शहर के लोगों से घरों के अंदर ही रहने की अपील की है।
- मॉस्को में फेडरल सिक्योरिटी सर्विस यानी FSB वोरोनिश और लिपेत्स्क क्षेत्रों में सरकारी ऑफिस खाली करा रही है।
मैप में देखिए मॉस्को से रोस्तोव शहर की दूरी...

बाखमुत में वैगनर ट्रेनिंग कैंप पर अटैक से शुरू हुआ तनाव
रूस ने शनिवार को वैगनर हेड प्रिगोजिन पर तख्तापलट की कोशिश का आरोप लगाया। रॉयटर्स के मुताबिक, रूस और वैगनर के बीच तल्खी यूक्रेन के बाखमुत में प्राइवेट आर्मी के ट्रेनिंग कैंप पर मिसाइल अटैक के बाद शुरू हुई। इस हमलें में कई वैगनर लड़ाके मारे गए थे। प्रिगोजिन ने क्रेमलिन को इसका दोषी बताया था।
वैगनर ने रूसी सेना में शामिल होने से इनकार किया था
रॉयटर्स के मुताबिक दो हफ्ते पहले ही रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया था। इसके तहत यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहे सभी प्राइवेट लड़ाकों को रूस की सेना में शामिल होने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए सभी प्राइवेट मिलिट्री से एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाने की बात कही गई थी। रूस की सबसे बड़ी प्राइवेट मिलिट्री वैगनर ने ये समझौता करने से इनकार कर दिया था।
तस्वीरों में देखिए वैगनर की बगावत के बीच रोस्तोव के हालात...








टकराव पर दो अहम बयान...
1. हम मातृभूमि के लिए मरने को तैयार: प्रिगोजिन
BBC के मुताबिक, प्रिगोजिन ने कहा- हमारे पास 25 हजार लड़ाकों की फौज है। हमने अपना लक्ष्य तय कर रखा है और हम मरने के लिए भी तैयार हैं। हम अपनी मातृभूमि और रूसी नागरिकों के लिए खड़े हैं। उन्हें ऐसे लोगों से मुक्ति मिलनी चाहिए जो आम लोगों की हत्या कर रहे हैं।
2. वैगनर का साथ दे रूसी जनता: पुतिन विरोधी नेता
BBC के मुताबिक, पुतिन विरोधी नेता मिखाइल खोदोरकोव्स्की ने रूसियों से वैगनर चीफ येवगेनी प्रिगोजिन का समर्थन करने की अपील की है। येवगनी ने मॉस्को के सैन्य नेतृत्व को मिटाने की कसम खाई है। मिखाइल ने कहा- अगर वैगनर ने क्रेमलिन पर कब्जा करने का फैसला किया है तो हमें जरूरत पड़ने पर उनके साथ लड़ना होगा। पुतिन से मतभेद के बाद प्रिगोजिन ने 10 साल जेल में बिताए हैं। अब उसने रूसी राष्ट्रपति के खिलाफ एक्शन लेने का फैसला किया है। ये सिर्फ शुरुआत है।
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वैगनर में शामिल रेपिस्ट और हेपेटाइटिस-C के मरीज
पिछले साल 30 अक्टूबर को UK के रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में प्रिगोजिन के हवाले से दावा किया गया था कि रूस की प्राइवेट आर्मी में एड्स और हेपेटाइटिस-C के मरीजों की भर्ती की जा रही है। यूरोपीय अखबार यूक्रेइंस्का प्रावदा की रिपोर्ट में 100 से ज्यादा एड्स और हेपेटाइटिस बीमारी से पीड़ित कैदियों के प्राइवेट आर्मी में भर्ती होने की बात कही गई थी।
द डेली बीस्ट ने भी अपनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में कहा था कि रूस में रेप के दोषी, समलैंगिक और संक्रामक रोगों से पीड़ित कैदियों को जबरन मोर्चे पर लड़ने के लिए भेजा जा रहा है।

येवगेनी प्रिगोजिन को कहा जाता था पुतिन का रसोइया
वैगनर ग्रुप के फाउंडर येवगेनी प्रिगोजिन को रूसी राष्ट्रपति पुतिन का रसोईया भी कहा जाता था। वे पहले एक रेस्तरां चलाते थे जहां पुतिन अक्सर खाने के लिए जाया करते थे। वे धीरे-धीरे पुतिन के करीबी सहयोगी बन गए। उन्हें रूसी सरकार से करोड़ों रुपए के कॉन्ट्रैक्ट मिलने लगे।
येवगेनी ही वैगनर ग्रुप को फंड करते हैं। पहले वे इस ग्रुप से अपने संबंधों को नकारते थे, लेकिन 2022 में उन्होंने माना कि वे इससे जुड़े हुए हैं।

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