रूस पर क्लस्टर बम से हमला, 21 की मौत:मरने वालों में 3 बच्चे, शुक्रवार को रूस ने यूक्रेन पर एकसाथ 120 मिसाइलें दागी थीं
रूस में शनिवार को यूक्रेन की तरफ से हुए हमले में 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 111 लोग घायल हुए हैं। रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ने ये हमला क्लस्टर बमों से किया। मरने वालों में 3 बच्चे भी शामिल हैं। हमला रूस के बेलगोरेद शहर पर हुआ। जो यूक्रेनी सीमा से सिर्फ 30 किलोमीटर की दूरी पर है और यूक्रेन के खार्कीव, लुहांस्क, सूमी इलाकों से सटा हुआ है।
अलजजीरा के मुताबिक 2022 में शुरू हुई रूस-यूक्रेन जंग के बाद रूस ने शुक्रवार को इन इलाकों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था। रूस ने 120 मिसाइलें दागी थीं। इसमें 41 यूक्रेनियों की मौत हो गई थी। इसी हमले के बाद शनिवार को यूक्रेन ने रूस पर हमला किया।

हमले का बदला जरूर लेंगे
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वो शनिवार को हुए इस हमले का बदला जरूर लेंगे। रूस ने यूक्रेन के ड्रोन अटैक को आतंकी हमला कहा है। साथ ही UNSC में इस पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है। रूस का कहना है कि यूक्रेन ने सोची-समझी साजिश के तहत नागरिकों को निशाना बनाया है। रूस ने शनिवार को यूक्रेन के 32 ड्रोन मार गिराए।
ये ड्रोन रूस के मॉस्को, ब्राइंस्क, ओरिओल और कुर्स्क इलाके की तरफ बढ़ रहे थे। वहीं, मंत्रालय की एयरक्राफ्ट यूनिट ने दावा किया है कि उन्होंने शुक्रवार को भी बेलगोरेद शहर पर दागे गए 13 यूक्रेनी रॉकेट तबाह किए थे।

जब तक जंग चलेगी और लोग मरेंगे
शनिवार को हुए हमले पर UN में यूक्रेन के राजदूत सेरही द्वोरनिक ने कहा है कि जब तक रूस का तानाशाह जंग जारी रखेगा, तब तक लोग मरते रहेंगे।
वहीं, ब्रिटेन के राजनयिक थोमस फिप्स ने रूस में लोगों की मौत पर दुख जाहिर किया। हालांकि उन्होंने रूस को ही इसका जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर रूस किसी को 21 लोगों की मौत का जिम्मेदार ठहराना चाहता है तो वो राष्ट्रपति पुतिन होने चाहिए। रूस में यूक्रेन का कोई सैनिक नहीं है, लेकिन यूक्रेन में रूस के हजारों सैनिक मौजूद हैं।
क्या होते हैं क्लस्टर बम...
क्लस्टर बम एक ऐसा हथियार है, जिसे हवा में रिलीज करने पर उसमें से कई छोटे-छोटे बम निकलते हैं। ये छोटे बम साधारण बमों की तुलना में ज्यादा इलाके को प्रभावित करते हैं। ये खतरनाक इसलिए माने जाते हैं क्योंकि मुख्य बम से निकलने वाले कई सारे छोटे विस्फोटक निर्धारित लक्ष्य के आसपास भी नुकसान पहुंचाते हैं। ज्यादातर मामलों में इनकी चपेट में आम नागरिक ही आते हैं। इन्हें लड़ाकू विमानों के जरिए आसमान और तोपों के जरिए जमीन से भी दागा जा सकता है।
बम के फटने के बाद आसपास गिरने वाले छोटे विस्फोटक लंबे समय तक पड़े रह सकते हैं। ऐसे में जंग खत्म होने के बाद भी इनकी चपेट में आने से जान जा सकती है। यह विरोधी सैनिकों को मारने या उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
तीन तस्वीरों के जरिए देखें कि क्लस्टर बम कैसे काम करता है....



यूक्रेन को क्लस्टर बम भेज रहा अमेरिका
जुलाई 2023 में अमेरिका ने बताया था कि वो यूक्रेन को क्लस्टर बम भेज रहा है। अमेरिका के इस फैसले का यूक्रेन का साथ देने वाले देशों ने भी विरोध किया था। पुतिन ने कहा था कि अमेरिका के सारे हथियार खत्म हो गए हैं, इसलिए वो अब यूक्रेन को प्रतिबंधित हथियार सप्लाई कर रहा है।
रूसी टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में पुतिन ने कहा था कि अगर यूक्रेन हमारे खिलाफ क्लस्टर बमों का इस्तेमाल करेगा तो हम भी इसका कड़ा जवाब देंगे। रूस के पास भी क्लस्टर बम हैं, पर उसने अभी तक जंग में उनका इस्तेमाल नहीं किया है। हालांकि कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों ही देश एक-दूसरे के खिलाफ जंग में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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