रात बापू मेरे सपने में आये और बोले ;'काश मै उस दिन ही मर गया होता

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रात  बापू मेरे सपने में आये मै उन्हें इस चकाचौंध भरी विकास की ओर अग्रसर दुनिया में अपने सामने देखकर स्तब्ध हो गया और अपने प्यारे बापू से पूछ बैठा की बापू आप को तो गोडसे ने गोली मार दी थी तो आप यहाँ मेरे सामने कैसे तो बापू ने मुझसे जो बात कही उसे मै शायद ही कभी भुला पाउँ। Image result for gandhi jayanti बापू के कहा कि जब गोडसे ने मुझे गोली मारी तब मैं मरा नही अमर हो गया था।
काश मै उस दिन ही मर  गया होता तो ठीक था। पूरी दुनिया इस देश को बापू का देश समझती है। तुम लोगों ने मुझे राष्ट्रपिता तो बना दिया पर तुम लोग कभी मेरे बेटे न बन सके।
बापू की इस नाराज़गी पर मैंने एक भारतीय होने का सबूत देते हुए कहा बापू दिक्कत कहाँ नही होती हमारे देश में भी है पर हम लगातार विकास कर रहे है और हम आपके सपने को साकार करने के लिए लगातार दिन रात मेहनत कर रहे हैं और एक दिन हम अपने देश को विकसित देश के रूप में ज़रूर देखेंगे।
मेरे इस उत्तर से बापू जो कि बड़ी मुश्किल से क्रोधित होते हैं अति क्रोधित होकर बोले मुझे पता है तुम लोगों ने कितना विकास किया है। और फिर बापू रो पड़े , बोले कि जब सारा देश आज़ादी की खुशियां मना रहा था तब मै देश के एक कोने में पड़ा आमरण अनशन कर रहा था क्यूंकि साम्प्रदायिकता इस देश में अपने कदम ज़माने की कोशिश कर रही थी जो कि मेरे जीते जी संभव नही था।
मगर मेरे जाने के बाद ये तुम लोगों ने देश का क्या हाल कर दिया। यहाँ हर गली मोहल्ले में साम्प्रदायिकता अपने पंजे जमाये हुए पंडित और मुल्ले अपनी दुकान चला रहे हैं और तुम लोग आपस में ही एक दुसरे को मार रहे हो। Image result for quotation of mahatma gandhi पिछले कई सालों में मेरी इस पवित्र धरती पर सैकड़ों सांप्रदायिक दंगे हो चुके हैं। और किसी की माँ किसी की बहन किसी की बेटी की इज़्ज़त से खिलवाड़ होता है, कभी इसको मारा जाता है कभी उसको मारा जाता है।
तुम लोग ये याद रखो कि तुम लोग दंगों में लोगों को नही मुझे मारते हो। मै हर पल मर रहा हूँ। अब तुम ही बताओ क्या तुम तरक्की कर रहे हो। फिर बापू ने कहा कि अगर तुम लोग मुझे ज़रा भी अपना मानते हो और थोड़ी भी शर्म बाक़ी है तो अहिंसा दिवस मनाना बंद करो और हर एक सेकंड को अहिंसा दिवस बना दो।
मै इस देश में ऊँची इमारतें नही देखना चाहता। मै इस देश में खुश रहते लोग देखना चाहता हूँ। बापू की ये बात सुनते ही मेरी आत्मा को तगड़ी चोट लगी। Image result for quotation of mahatma gandhi इससे पहले की मै कुछ कहता मेरी नींद खुल गयी मगर अब मुझे नींद नही आती। बापू के ये शब्द मुझे सोने नही देते। इसीलिए मै कसम खता हूँ कि मै अपनी जान लगा दूंगा मगर बापू के इस देश में साम्प्रदायिकता नही फैलने दूंगा। नोट : यह लेख बियॉन्ड हेड लाइन्स में पहली बार 2 Oct 2014 को प्रकाशित हुआ था

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