“जब टिकैत की आंखों में आंसू आते हैं तो हमारे प्रधानमंत्री के होंठों पर मुस्कुराहट आती है, उन्हें मजाक सूझता है”: मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में बोलीं प्रियंका गांधी वाड्रा
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार (20 फरवरी) को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में किसानों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगया कि वह किसानों का अपमान कर रहे हैं। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, ये लड़ाई सिर्फ किसान नहीं बल्कि हर देशवासी के अस्तित्व की लड़ाई है, इस लड़ाई को एकजुट होकर लड़ेंगे। प्रियंका ने कहा कि आंदोलन के दौरान जब राकेश टिकैत की आंखों में आंसू आते हैं, तो हमारे प्रधानमंत्री को मजाक सूझता है और उनके होंठों पर मुस्कुराहट आती है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि, सबसे बड़ा अहसान जनता नेता पर करती है, नेता जनता पर कोई अहसान नहीं करता। इस वक्त देश की जो स्थिति है आप मुझसे बेहतर समझते हैं। ऐसा वक्त है जब 90 दिनों से लाखों किसान दिल्ली के बाहर बैठे हुए हैं संघर्ष कर रहे हैं आंदोलन कर रहे हैं। सभा में प्रियंका गांधी ने कहा, 215 किसान शहीद हुए, बिजली काटी गयी उन्हें मारा गया। दिल्ली की सीमा को ऐसे बनाया गया जैसे देश की सीमा थी। जो किसान अपने बेटे को देश की सीमा पर रखवाली करने के लिए भेजता है उसे अपमानित किया गया। किसानों को देशद्रोही और आतंकी कहा। प्रधानमंत्री ने उन्हें आंदोलनजीवी कहा। हमारे देश का दिल किसान है।
उन्होंने कहा कि, यहां उन्होंने सरकारी एमएसपी और प्राइवेट मंडियों में फर्क गिना दिया। उन्होंने कहा, अगर ये आ गये तो अपनी मरजी करेंगे, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग होगी जिसमें अमीर लोग आयेंगे और सौदा करेंगे। प्रियंका गांधी ने कहा, इसमें खामियां हैं, ये संभव है कि आपके साथ फसल का समझौता करने वाले बाद में मना कर दे लेकिन आप अदालत नहीं जा सकते। अपने हक के लिए नहीं लड़ सकते हैं। एक तरफ आप और आपकी छोटी सी खेती दूसरी तरफ पीएम के बड़े-बड़े खरबपति मित्र।
उन्होंने कहा कि, जिस तरह से प्रधानमंत्री ने पूरे देश को दो तीन मित्रों को बेचा है। उसी तरह आपकी जमीन आपकी कमाई खरबपति मित्रों को बेचना चाहते हैं। मैं जानती हूं कि आप कितना संघर्ष कर रहे हैं। पूरा देश नहीं पूरी दुनिया समझ रही है। पुरानी कहानियों में अहंकारी राजा था उसी तरह प्रधानमंत्री भी उसी तरह बन गये हैं।

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