30 को पीएम मोदी का वाराणसी दौरा, लोगों को काला कपड़ा पहनकर न निकलने की हिदायत
नई दिल्ली। साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी प्रेस कांफ्रेंस न करने को लेकर चर्चाओं में रहे हैं। वे एक बार प्रेस कांफ्रेंस में नजर आए थे जिसमें सारे सवालों के जवाब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिए थे।
हालांकि 2019 लोकसभा चुनावों से पहले वे कई चैनलों को इंटरव्यू देकर सुर्खियों में रहे जहां उनसे आम कैसे खाते हैं? जेब में पर्स रखते हैं क्या जैसे हास्यास्पद सवाल पूछे गए। एक चैनल में तो इंटरव्यू की स्क्रिप्ट भी सामने आ गई जिसमें सवाल और जवाब दोनों ही लिखे हुए थे।
प्रधानमंत्री मन की बात को खूब तबज्जो देते हैं क्योंकि वहां कोई काउंटर क्वेश्चन नहीं होता। आज वे रेडियो पर मन की बात कर रहे हैं और कल अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी जाएंगे। प्रधानमंत्री 30 नवंबर को सड़क मार्ग से अस्सी से सारनाथ तक और फिर वहां से बाबतपुर एयरपोर्ट जाएंगे। इस यात्रा के मद्देनजर काला कपड़ा पहनकर या हाथ में लेकर कोई सड़क पर नहीं निकल सकता।
प्रिंट मीडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक, प्रधानमंत्री के रूट के दोनों तरफ के मकानों और दुकानों से संबंधित लोगों का विवरण अलग-अलग थानों की पुलिस ने एकत्र किया है। सभी को हिदायत दी गई है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को 30 नवंबर तक अपने घर में अनावश्यक न ठहराएं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि 30 नवंबर की दोपहर बाद कोई भी काला कपड़ा पहनकर या काला झंडा लेकर सड़क पर नहीं आएगा।
बता दें कि पीएम मोदी 30 नवंबर देव दिवाली के अवसर पर दोपहर में 2:10 पर आ जाएंगे। वह रात को 8:50 तक रहेंगे. इस कार्यक्रम के अनुसार पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र में लगभग 7 घंटे व्यतीत करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी वाराणसी में राजघाट से लेकर के ललिता घाट तक नाव के द्वारा भ्रमण भी करेंगे। वह देव दीपावली में दीप उत्सव में भी शामिल होंगे। इसके साथ ही गंगा घाटों का निरीक्षण करने के बाद पीएम मोदी सारनाथ की तरफ जाएंगे, जहां भगवान बुध के उपदेश को लाइट एंड साउंड के माध्यम से देखेंगे।
बता दें कि पीएम मोदी सहित बीजेपी के दिग्गज नेता विरोध से हमेशा डरते रहे हैं। इससे पहले जुलाई 2018 में अमित शाह को इलाहाबाद में तीन छात्राओं ने काले झंडे दिखाए थे। इसके साथ ही उन्होंने नारेबाजी भी की थी।

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