पश्चिम बंगाल में कोई भारतीय बाहरी नहीं, जीतने पर BJP का मुख्यमंत्री बंगाल का ही बेटा होगा: पीएम मोदी
पश्चिम बंगाल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (24 मार्च) को कहा कि पश्चिम बंगाल ने पूरे भारत को ‘वन्दे मातरम’ की भावना में बांधा है और उसी बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोगों को ‘‘बोहिरागोतो’’ (बाहरी) बता रही हैं। उन्होंने एलान किया कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो राज्य का मुख्यमंत्री बंगाल की धरती के बेटे को ही बनाया जाएगा।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांठी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि बंगाल बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रबींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस जैसे नायकों की भूमि है और इस धरती पर कोई भारतीय बाहरी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल ने पूरे भारत को ‘वन्दे मातरम’ की भावना में बांधा है और उस बंगाल में ममता दीदी ‘‘बोहिरागोतो’’ (बाहरी होने) की बात कर रही हैं। कोई भारतीय यहां बाहरी नहीं है, वे भारत माता के बच्चे हैं।’’
मोदी ने कहा, ‘‘हमें ‘पर्यटक’ कहा जा रहा है, हमारा मजाक उड़ाया जा रहा है, हमारा अपमान किया जा रहा है। दीदी, रबींद्रनाथ के बंगाल के लोग किसी को भी बाहरी नहीं मानते।’’ उन्होंने रैली में कहा कि जब बंगाल में भाजपा सरकार बनाएगी तो मुख्यमंत्री इसी धरती का कोई बेटा होगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा और प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए अक्सर अपने भाषणों में कहती हैं कि वह दिल्ली या गुजरात से आए ‘‘बाहरी’’ लोगों को बंगाल में शासन करने नहीं देंगी। उनके इस बयान पर छिड़ी ‘‘स्थानीय बनाम बाहरी’’ की बहस के बीच मोदी की यह टिप्पणियां आई हैं। तृणमूल कांग्रेस ने ‘बंगाल को अपनी बेटी चाहिए’ अभियान भी शुरू किया है जिसमें पार्टी के नेता राज्य आ रहे भाजपा पदाधिकारियों को ‘‘चुनावी पर्यटक’’ कह रहे हैं।
मोदी ने ‘तोलाबाजी’ और जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा राज्य में हर योजना को घोटाला-मुक्त बनाएगी और पारदर्शिता लाएगी। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चक्रवात अम्फान की राहत राशि को ‘भाइपो (भतीजा) विंडो’ के जरिए लूटा गया।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि बनर्जी ‘दुआरे सरकार’ की बात कर रही हैं लेकिन दो मई को उन्हें दरवाजा दिखा दिया जाएगा।
294 सदस्यीय बंगाल विधानसभा के लिए 8 चरणों में मतदान होंगे। बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक वोट डाले जाएंगे। राज्य में पहले चरण के लिए 27 मार्च को 30 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण की 30 सीटों पर 1 अप्रैल को मतदान होगा। तीसरे चरण में 31 सीटों पर 6 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
चौथे चरण में 44 सीटों पर 10 अप्रैल को वोटिंग होगी। पांचवें चरण की 45 सीटों पर 17 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। छठे चरण में 43 सीटों पर 22 अप्रैल को वोटिंग होगी। बंगाल में आठवें और अंतिम फेज का चुनाव 29 अप्रैल को होगा, जहां 35 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे।

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