मुंबई के लिए रवाना हुआ 300 भारतीयों का विमान:3 दिन की हिरासत के बाद छोड़े गए; इनमें 10 लोगों ने फ्रांस से शरण मांगी थी
मानव तस्करी के शक में फ्रांस में रोका गया 300 भारतीयों वाला प्लेन भारत के लिए रवाना हो गया है। यह कल मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड करेगा। पहले इसके सोमवार दोपहर 2:20 बजे भारत आने की जानकारी दी गई थी।
फ्रांस की एक कोर्ट के आदेश के बाद भारतीयों के प्लेन को उड़ान भरने की इजाजत दे दी गई है। रविवार को 4 जजों ने क्रिसमस की छुट्टियों में भी काम करते हुए हिरासत में रखे गए यात्रियों से पूछताछ करने बाद विमान के रवाना होने के आदेश दिए थे।
न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक प्लेन में मौजूद 2 लोगों को बाकी 300 लोगों से अलग रखा गया है। इनसे कड़ाई से पूछताछ की गई थी। फ्रांस की कोर्ट ने शनिवार को इनकी सुनवाई का समय 48 घंटे के लिए बढ़ा दिया था। वहीं, 10 लोगों ने फ्रांस में ही शरण देने की मांग की थी। सभी लोग कामगार बताए गए हैं, जिन्हें निकारागुआ के रास्ते अमेरिका और कनाडा भेजा जा रहा था।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 300 भारतीयों में एक 21 महीने का बच्चा और 11 भारतीय नाबालिग हैं, जिनके माता-पिता उनके साथ नहीं हैं। पूछताछ के दौरान कुछ लोग हिंदी में बात कर रहे थे तो कुछ लोग तमिल भाषा बोल रहे थे। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि प्लेन में साउथ इंडिया के लोग भी मौजूद थे।
रिपोर्ट में दावा : 303 में से 276 पैसेंजर ही भारत लौट रहे
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रविवार देर रात पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक- एयरक्राफ्ट के 303 यात्रियों में से 276 ही भारत लौट रहे हैं। करीब 25 भारतीय यात्रियों ने फ्रांस में शरण मांगी है और इन्हें पेरिस के स्पेशल जोन ‘चार्ल्स डि गॉल’ एयरपोर्ट पर उस जगह भेज दिया गया है, जहां शरण मांगने वालों को रखा जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक- दो यात्रियों को फ्रांस के अफसरों ने देश छोड़ने की मंजूरी नहीं दी है। इन पर फ्रेंच लॉ के तहत केस चलेगा। एक फ्रेंच टीवी चैनल के मुताबिक- प्लेन में कुछ पैसेंजर्स भारत की बजाए निकारागुआ ही जाना चाहते थे।

फ्रांस में कहां रहे 300 भारतीय
दुबई से निकारागुआ जा रहे भारतीय नागरिकों वाला विमान वाट्री एयरपोर्ट पर ईंधन भरने के लिए उतरा था। इस दौरान फ्रांस के अधिकारियों को सूचना मिली की इसमें मानव तस्करी के पीड़ितों को ले जाया जा रहा है, जिसके बाद फ्लाइट को उड़ान भरने से रोक दिया गया।
वाट्री एयरपोर्ट पर रिसेप्शन हॉल को वेटिंग एरिया में बदल दिया गया और सभी यात्रियों को वहां रखा गया। यहां बच्चों के लिए एड-हॉक ट्यूयर भी रखे गए थे। पूरे इलाके को कवर कर रखा गया था।

एयरपोर्ट पर रोजाना लोगों से मुलाकात कर रहे भारतीय अधिकारी
फ्रांस ने सभी लोगों के लिए एयरपोर्ट पर ही रहने और खाने की व्यवस्था की थी। बच्चों की पढ़ाई के लिए एड-होक ट्यूटर रखे गए थे। यहां रोज भारत के अधिकारी उनसे मुलाकात कर रहे थे।
वहीं, फ्रांस ने फ्लाइट ऑपरेट कर रहे प्राइवेट जेट के क्रू मेंबर्स से भी पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें आजाद कर दिया गया था।
इन लोगों को 4 दिन से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकता था फ्रांस
फ्रांस में विदेशी नागरिकों को 4 दिन से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकते हैं। इसके लिए जज से परमिशन लेनी पड़ती है, जो उनकी हिरासत को 8 दिन बढ़ा सकते हैं। हालांकि, गंभीर मामलों में हिरासत का वक्त 24 दिन भी किया जा सकता है।
प्राइवेट कंपनी का चार्टर एयरक्राफ्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस एयरक्राफ्ट को वाट्री एयरपोर्ट पर पुलिस ने रोका था, वो रोमानिया की चार्टर कंपनी का है। वाट्री एयरपोर्ट पर फ्यूल और टेक्निकल मेंटेनेंस के लिए इसका उतरना पहले से तय था। लैंडिंग के कुछ देर बाद ही पुलिस की कई गाड़ियां यहां पहुंचीं और एयरक्राफ्ट को कब्जे में ले लिया।
फ्रांस की एंटी ऑर्गनाइज्ड क्राइम यूनिट को इस मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस के मुताबिक यह A340 एयरक्राफ्ट है। रोमानिया की लीजेंड एयरलाइंस ने इस प्लेन को कुछ लोगों के लिए बुक किया था। मामले की जांच कर रहे एक अफसर ने कहा था- हमें शक है कि इन भारतीयों को सेंट्रल अमेरिका में किसी जगह ले जाया जाना था। यह भी मुमकिन है कि इनमें से कुछ लोग कनाडा जाना चाहते हों।

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