द न्यूयार्क टाइम्स से विशेष अनुबंध के तहत:अमेरिका में वैक्सीन पासपोर्ट का विरोध शुरू हुआ, लोगों को संदेह है कि उनकी निजी जानकारी लीक हो सकती है

अमेरिका में इन दिनों सभी वयस्क कोविड वैक्सीन के लिए पात्र हो चुके हैं वहीं देश का व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सीमाएं भी खुल चुकी हैं। लेकिन इस बीच, डिजिटल हेल्थ सर्टिफिकेट या वैक्सीन पासपोर्ट का विरोध शुरू हो गया है। कुछ लोगों का कहना है कि उनकी निजी जानकारियां लीक हो सकती हैं और गलत हाथों में भी जा सकती हैं।

वैक्सीन सर्टिफिकेट क्या है?
अमेरिका सहित कुछ देशों में कोविड वैक्सीन लगवाने पर एक सफेद कार्ड (सर्टिफिकेट) जारी किया जा रहा है। इसे ही वैक्सीन पासपोर्ट कहा जा रहा है। इसमें लगे क्यूआर कोड से साबित होता है कि धारक निर्धारित वैक्सीन डोज ले चुका है।
तो विवाद क्यों है?
दरअसल, इन प्रमाणपत्रों को अवैध रूप में बनाया जा सकता है। कई जगह ये हेल्थ कार्ड ऑनलाइन भी बिक रहे हैं। सैकड़ों एप भी आ गए हैं, जो कार्ड दे रहे हैं।
सरकार का क्या कहना है?
बाइडेन सरकार ने कहा है कि वह डिजिटल पासपोर्ट की जगह टीकाकरण कार्ड जारी करेगी जो व्यवसाय, क्रूज, रेस्तरां से लेकर खेल स्थलों तक प्रवेश के लिए जरूरी होगा।
ऑनलाइन विकल्प तो सुविधाजनक है?
अमेरिकियों का कहना है कि पास के लिए उन्हें एजेंसियों को अपनी निजी जानकारी देनी होगी, जो लीक हो सकती है।
एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित विकल्प है। इससे अमेरिका में व्यापार-यात्राओं को तेजी से पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।
अमेरिका के अलावा ऐसे हेल्थ कार्ड कहां बन रहे हैं?
इजराइल में ग्रीन पास जारी किया जा रहा है। यूरोपियन यूनियन ने भी 1 जुलाई से इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन सर्टिफिकेट को मान्यता दी है। करीब 20 एयरलाइंस ने भी ऐप जारी किया है।
क्या ये कानूनन मान्य है?
निर्भर करता है कि उस देश या राज्य में नियम क्या हैं।

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