नई दिल्ली, । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को यहाँ ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन परिसर में आयोजित ‘दिवाली बाजार 2026’ का शुभारंभ किया। श्रीमती गुप्ता ने इस दौरान उन्होंने बाजार में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और दृष्टिबाधित लोगों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए सुगम बुनियादी ढांचा और समान अवसर सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की शारीरिक चुनौती उसकी प्रतिभा, क्षमता और सपनों की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। दृष्टिबाधित नागरिकों में अपार हुनर, रचनात्मकता और आत्मनिर्भर बनने की क्षमता है। जरूरत है कि समाज उनके हुनर को पहचाने और उनके उत्पादों को अपनाकर आर्थिक सशक्तीकरण में भागीदार बने। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के बुनियादी ढांचे को अधिक सुगम और सुलभ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि दिव्यांगजनों को सम्मानजनक जीवन और समान अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित कारीगरों और युवाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद उनकी मेहनत, कला और रचनात्मकता का प्रमाण हैं। इन उत्पादों की खरीदारी केवल व्यापार नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का प्रयास है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे बाजार में पहुंचकर उत्पाद खरीदें और दृष्टिबाधित लोगों के हुनर को प्रोत्साहित करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री दृष्टिबाधित युवाओं द्वारा संचालित ‘कैफे मस्त’ भी पहुंचीं और वहां भोजन किया। यह कैफे ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन के मल्टी-स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े युवाओं द्वारा संचालित किया जाता है। यहां युवा भोजन तैयार करने से लेकर ग्राहक सेवा और लेन-देन तक की जिम्मेदारियां स्वयं संभालते हैं। मुख्यमंत्री ने उनके आत्मविश्वास और कार्यकुशलता की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
उल्लेखनीय है कि ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन का दिवाली बाजार पिछले 45 वर्षों से अधिक समय से दिल्ली की दिवाली परंपरा का हिस्सा है। इस वर्ष 30 अक्टूबर से पांच नवंबर तक आयोजित होने वाले सात दिवसीय बाजार में 250 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।
1984 सिख दंगा मामलों में कमलनाथ के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई, सिरसा बोले- ‘न्याय न मिलते तक लड़ता रहूंगा लड़ाई’
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (वेब वार्ता)। दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के सिख-विरोधी दगों के मामले में शुक्रवार को सुनवाई की। इस दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह ने गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता कमलनाथ की कथित भूमिका पर कार्रवाई की मांग की।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज मैंने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपनी याचिका के संबंध में पक्ष रखा। इस याचिका में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दौरान गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में कांग्रेस नेता कमलनाथ की कथित भूमिका पर कार्रवाई की मांग की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।”
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “हो सकता है कि कांग्रेस चाहती हो कि 1984 की घटना को भुला दिया जाए, लेकिन पीड़ितों के परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। किसी का राजनीतिक कद उसे जवाबदेही से नहीं बचा सकता, और न ही दशकों की देरी उनके दुख को मिटा सकती है। न्यायपालिका पर मेरा अटूट विश्वास है। मैं तब तक यह लड़ाई लड़ता रहूंगा, जब तक कि न्याय नहीं मिल जाता।”
इस मामले में फरवरी में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में दो सिख नागरिक जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह को जिंदा जलाने का था।
