पानी की अहमियत पानी की किल्लत में पता चलती है

समाज सेवा: पानी जिसकी कीमत का अंदाजा लगाना भी नामुमकिन है| जितना जरूरी साँस लेना है उतना ही जरूरी पानी भी है| भारत जो कि दुनिया की सबसे घनी आबादी वाले देशों में है वहां इसी पानी को ले कर इतने मसले है की उनका बयाँ करने के लिये घंटों की फिल्म भी छोटी पड़ जायेगी| तक़रीबन 76 मिलियन भारत की आबादी के पास पीने के साफ़ पानी की किल्लत है| एक रिसर्च के मुताबिक भारत की 50 फीसद आबादी पानी की किल्लत से दो चार होगी|
भारत के दूर दराज के कुछ इलाके ऐसे हैं जहाँ पानी लेने के लिए कई किलोमीटर तक जाना पड़ता है जैसे राजस्थान के बाड़मेर जैसे इलाके| इससे उलट कुछ इलाके ऐसे हैं जहाँ बहुत घनी आबादी है और पानी भी मौजूद है मगर पीने लायक तो कतई नहीं है|
इसके बाद एक नया मसला है कि ऐसी जगहों पर हैण्ड पंप या बोर वेल लगवाना आम लोगों के बस की बात ही नहीं है| बाड़मेर जैसे इलाकों में एक बोरवेल लगवाने की कीमत 3 लाख तक पहुँच जाती है और बिहार के कई इलाकों में हैण्ड पंप की कीमत 50000 तक पहुँच जाती है| भारत में पानी को ले कर इतनी परेशानीयों के बावजूद भी कुछ संस्थाएं ऐसी है जो अपनी ताकत के मुताबिक लोगों को साफ़ पानी मुहैया करवाने के लिए काम कर रही हैं| इनमें ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन का नाम प्रमुख है| पूरी विडियो देखने के लिए क्लिक करें: https://youtu.be/Nr1MYbEqao0 ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन विज़न 2026 के तहत पिछले 12 सालों से काम कर रही है| फाउंडेशन द्वारा तक़रीबन 2000 हैण्ड पंप और बोरवेल भारत के दूर दराज के ऐसे इलाकों में लगवाए गये हैं जहां पीने का साफ़ पानी न मात्र था| अपने हजारों स्वंयसेवकों द्वारा फाउंडेशन पहले दूर दराज के इलाकों में सर्वे करवाती है फिर पानी की गुणवत्ता की जाँच करवा के वहां लोगों की जरुरत के मुताबिक हैण्ड पंप लगवाती है|
फाउंडेशन की इतने सालों में सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने उन इलाकों में भी हैण्ड पंप लगवाएं हैं जहाँ लोग पीने के पानी के लिए मौसमी बारिश पर निर्भर थे| आगामी 10 सालों के विज़न में ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन ने 5000 हैण्ड पंप, 2000 बोरवेल और 100 वाटर प्यूरीफायर प्लांट लगवाने का फैसला किया है|
एक हैण्ड पंप लगवाने पर खर्च 35000-40000, बोरवेल लगवाने का खर्च 75000-90000, कुआँ लगवाने का खर्च 3,00,000 और वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट का खर्च 4 लाख से 5 लाख तक आता है| ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन दानी सज्जनों के सहयोग के बिना ये सब प्रोजेक्ट करने में असमर्थ है | आपकी एक छोटी सी मदद लाखों लोगों के चेहरे पर मुसकान ला सकती है|

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