जाधव केस नवाज की लापरवाही का नतीजा:पाकिस्तान के विदेश मंत्री बोले- नया बिल नहीं लाते तो भारत फिर ICJ चला जाता; US को एयरबेस नहीं देंगे

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कुलभूषण जाधव मामले को पिछली सरकार की लापरवाही का नतीजा बताया है। कुरैशी के मुताबिक, नवाज शरीफ की सरकार ने भारतीय नागरिक जाधव के मामले को अगर ठीक तरीके से हैंडल किया होता तो आज इमरान सरकार को नया बिल नहीं लाना पड़ता। कुरैशी ने एक बार फिर साफ कर दिया कि पाकिस्तान सरकार अब अमेरिका को कोई मिलिट्री या एयरबेस नहीं देगी। इसको लेकर मुल्क में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

जाधव पर क्या कहा
पंजाब प्रांत के मुल्तान में मीडिया से बातचीत में कुरैशी ने कुलभूषण जाधव मामले पर हो रही सियासी बयानबाजी और इमरान सरकार के भारत के आगे घुटने टेक देने के आरोप को खारिज कर दिया। कुरैशी ने कहा- नवाज शरीफ ने इस मामले को बहुत गलत तरीके से हैंडल किया और हम इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा- पाकिस्तान के ऊपर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का दबाव है। सोचिए कि अगर हम यह बिल (रिव्यू एंड री-कन्सडरेशन एक्ट 2020) नहीं लाते तो क्या होता। भारत फिर आईसीजे जाता और वहां से जो ऑर्डर आता, वो हमें मानना पड़ता। भारत भी यही चाहता है। विपक्ष को अब तो हालात को समझना चाहिए।

अमेरिका को बेस देने का सवाल ही नहीं
कुरैशी ने एक बार फिर साफ कर दिया कि पाकिस्तान सरकार इस बार अमेरिका के दबाव में नहीं आएगी और अमेरिका को कोई मिलिट्री या एयरबेस नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मामले में जो बयानबाजी कर रहा है, उससे मुल्क में हालात बिगड़ सकते हैं।

कुरैशी कई बार कह चुके हैं कि पाकिस्तान अमेरिका को एयरबेस या मिलिट्री बेस नहीं देगा। दूसरी तरफ, विपक्ष सरकार से पूछ रहा है कि अगर यह सही है तो सीआईए चीफ ने पिछले दिनों इस्लामाबाद का गुपचुप दौरा क्यों किया था। मरियम नवाज का आरोप है कि सरकार झूठ बोल रही है, क्योंकि अमेरिका को बेस पहले ही दिए जा चुके हैं।

 

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