Pahalgam Terror Attack: राहुल गांधी, खड़गे ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र- संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग
Pahalgam terror attack: राहुल गांधी ने पत्र ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में भारत को यह दिखाना होगा कि ‘‘हम आतंकवाद के खिलाफ हमेशा एक साथ खड़े हैं।’
Pahalgam terror attack: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पैदा हुए हालत के मद्देनजर संसद के दोनों सदनों का विशेष सत्र जल्द से जल्द बुलाया जाए ताकि आतंकवाद के खिलाफ देश के सामूहिक संकल्प और इच्छाशक्ति को व्यक्त किया जा सके। पार्टी अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार रात प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह आग्रह किया। बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में खड़गे ने कहा, “इस समय, जब एकता और एकजुटता जरूरी है, विपक्ष का मानना है कि जल्द से जल्द संसद के दोनों सदनों का विशेष सत्र बुलाया जाए। यह 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए क्रूर आतंकवादी हमले से निपटने के लिए हमारे सामूहिक संकल्प और इच्छाशक्ति की एक दृढ़ अभिव्यक्ति होगी।” उन्होंने कहा, “हमें आशा है कि सत्र बुलाया जाएगा।”
राहुल गांधी ने X पर साझा किया लेटर
राहुल गांधी ने पत्र ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में भारत को यह दिखाना होगा कि ‘‘हम आतंकवाद के खिलाफ हमेशा एक साथ खड़े हैं।’’ उन्होंने पत्र में कहा, “पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हर भारतीय आक्रोशित है। इस महत्वपूर्ण समय में भारत को यह दिखाना होगा कि हम आतंकवाद के खिलाफ हमेशा एक साथ खड़े रहेंगे। विपक्ष का मानना है कि संसद के दोनों सदनों का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए, जहां जनता के प्रतिनिधि अपनी एकता और दृढ़ संकल्प दिखा सकें।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “हमारा अनुरोध है कि विशेष सत्र जल्द से जल्द बुलाया जाए।” कांग्रेस से पहले राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल भी पहलगाम हमले को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर चुके हैं।
सरकार बुला चुकी है सर्वदलीय बैठक
कांग्रेस की तरफ से विशेष संसद सत्र बुलाने की मांग हाल ही में बीते 24 अप्रैल को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद की गई है। सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने खुफिया ब्यूरो और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं को घटना की जानकारी दी थी।
इस सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी की अनुपस्थिति पर खड़गे ने तीखी आलोचना की। राजस्थान में एक रैली में उन्होंने कहा, “मोदी ने देश की बजाय बिहार चुनाव रैली को प्राथमिकता दी। कम से कम आपको (सर्वदलीय) बैठक में आना चाहिए था, जब हमने सरकार द्वारा की जाने वाली किसी भी कार्रवाई को पूरा समर्थन देने की पेशकश की थी।”
हालांकि, इस बैठक में राजनाथ सिंह ने नेताओं को भरोसा दिलाया कि सरकार हमले के जवाब में “कड़ी कार्रवाई” करने के लिए “प्रतिबद्ध” है। सुरक्षा चूक पर चिंता जताने के बावजूद, विपक्षी नेताओं ने सरकार के रुख के साथ एकजुटता व्यक्त की और हाल के वर्षों में नागरिकों पर सबसे घातक आतंकवादी घटनाओं में से एक के लिए एकजुट प्रतिक्रिया का आह्वान किया।
Pahalgam terror attack: सरकार ने की जवाबी कार्रवाई
बीते 22 अप्रैल को अनंतनाग जिले के पहलगाम में बैसरन मैदान में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए, जिसमें 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करना, राजनयिक संबंधों को कम करना और अटारी भूमि क्रॉसिंग को बंद करना शामिल है। इसके अलावा, सरकार ने SAARC योजना के तहत वीजा छूट को भी रद्द कर दिया, मौजूदा पाकिस्तानी वीजा को रद्द कर दिया और पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर छोड़ने का आदेश दिया।
PM Modi ने कहा- पीड़ितों को न्याय जरूर मिलेगा
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि Pahalgam में हुआ आतंकी हमला उन लोगों की हताशा को दिखाता है जो आतंकवाद को संरक्षण देते हैं। देश के दुश्मनों को जम्मू-कश्मीर में लौटती शांति पसंद नहीं आ रही है। उन्होंने कहा, “आतंकियों और उनके सरपरस्तों ने फिर से कश्मीर को तबाह करने के लिए बड़ी साजिश रची है।”
प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में देश की एकता और 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यही एकजुटता आतंकवाद के खिलाफ हमारी निर्णायक लड़ाई का आधार है। हमें इस चुनौती का सामना करने के लिए अपने संकल्प को और मजबूत करना होगा। पूरे देश को अपनी मजबूत इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करना चाहिए। दुनिया देख रही है कि कैसे इस आतंकी हमले के बाद पूरा देश एक आवाज में बोल रहा है।”

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