दिल्ली के अस्पतालों में बची है कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन : 10 बड़ी बातें
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
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मैक्स अस्पताल ने कहा है कि आपूर्ति बाधित हो गई है और हमारे पास केवल छह से 12 घंटे की ऑक्सीजन बची है.
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गंगा राम अस्पताल ने कि 8 घंटे में उनकी ऑक्सीजन खत्म हो जाएगी.
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ऑक्सीजन की किल्लत का मामला दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंचा जहां अदालत ने केंद्र की खिंचाई भी की और पूछा कि उद्योगों के लिए ऑक्सीजन के इस्तेमाल पर रोक 22 अप्रैल की बजाय तत्काल क्यों नहीं लगाई जा रही.
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दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या आर्थिक हित लोगों की जान से ऊपर नहीं हैं. आप इतना असंवेदनशील कैसे हो सकते हैं.
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जजों ने कहा, 'अभी लोगों की जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. पिछले साल सरकार ने लॉकडाउन लगाया. लेकिन इस बार जबकि हालात की मांग है, लेकिन पिछली बार मिली प्रतिक्रिया की वजह से ऐसा नहीं किया गया.'
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केंद्र ने कहा कि दिल्ली में 8 ऑक्सीजन संयंत्रों का निर्माण पीएम केयर्स फंड से किया जा रहा है. इससे क्षमता 14.4 मिट्रिक टन तक बढ़ जाएगी.
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राज्यों को 20, 25 और 30 अप्रैल के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता के लिए अनुमानित मात्रा के बारे में बताने को कहा गया था.
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उसके आधार पर दिल्ली के लिए 20 अप्रैल को 300 मिट्रिक टन, 25 अप्रैल को 349 मिट्रिक टन और 30 अप्रैल को 445 मिट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता का अनुमान था.
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केंद्र ने कहा कि 18 अप्रैल को हुई एक बैठक में दिल्ली की जरूरत को संशोधित कर 300 मिट्रिक टन से बढ़ाकर 700 मिट्रिक टन कर दिया गया जो कि 133 फीसदी की वृद्धि थी. केंद्र ने 22 अप्रैल से कुछ महत्वपूर्ण उद्योगों को छोड़कर औद्योगिक उद्देश्यों के लिए ऑक्सीजन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है.
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दिल्ली HC ने दिल्ली को 140 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के अपने आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए मैसर्स इनॉक्स को अवमानना नोटिस जारी किया.

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