ना पक्ष ना विपक्ष आज सिर्फ टीआरपी की ख़बरें ही मुख्यधारा मीडिया के समक्ष पहली पसंद क्यों होती है ?
By VISHAL JHA
भारत की मुख्यधारा मीडिया जिस तरीके से अभी काम करती आ रही है उसको देखकर यह नहीं लगता कि हमको खबरें पहुंचाई जा रही है ऐसा लगता है कि मनोरंजन का पूरा सम्मान तैयार किया जा रहा है जिससे की हम अपना टाइम पास कर सके.
आखिरकार समाज में इतने सारे मुद्दे होने के बाद भी मीडिया उन पर कवरेज क्यों नहीं करता है कई बार ऐसा लगता है कि इन मुद्दों को खुद ही उठाना होगा जैसे की गिरती अर्थव्यवस्था बढ़ती हुई बेरोजगारी उसके साथ कोरोनावायरस मे हुयी बदइंतज़ामी का कौन जिम्मेदार है.
अगर बात करेगी भारतीय मीडिया किस पक्ष के साथ रहता है तो यह बात बहुत साफ होगी कि हमेशा भारतीय मीडिया सत्ताधारी पक्ष के साथ रहता है क्योंकि उसके ना केवल उसके चैनल को प्रॉफिट मिलता है बल्कि वह दर्शकों को भी काफी हद तक खींच पाता है
आखिर किसे नहीं पसंद है कि नेताजी के साथ क्या चल रहा है इसमें कौन रुचि रखेगा कि भारत की जीडीपी क्या चल रही है या गरीब किसान ने खाना खाया या नहीं इसका कहीं ना कहीं कारण जनता भी है अभी हाल में कंगना रनौत का घर बीएमसी के द्वारा ढा दिया गया लेकिन दिल्ली में झुग्गियों को जो तोड़ा जा रहा है
उसमें रहने वाले गरीबों की दुर्दशा के बारे में कोई भी चैनल नहीं दिखाना चाहता है क्योंकि उनसे उसको टीआरपी नहीं मिलने वाली है. इसके साथ ही बात जब होती है सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टी के चर्चाओं की तो हमें तो विपक्ष पार्टी को एक देश का दुश्मन की तरह दिखाने का काम भी मुख्यधारा अच्छे से रता है.
कायदे से तो मीडिया का काम होता था जनता तक सही जानकारी पहुंचा जो कि आजकल मीडिया नहीं करता हैैैैैैैै अगर वह सत्ताधारी पार्टी की छवि लोगों की नजर में सुधार ता रहेगा तो लोग कहते आकलन कर पाएंगे कि उनका नेता कैसा काम कर रहा है.

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