नजीब का मामला महज किसी व्यक्ति की गुमशुदगी का है - सीबीआई

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जवाहर लाल विश्वविद्यालय के गुमशुदा छात्र नजीब अहमद के मामले में सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि "यह मामला महज किसी व्यक्ति की गुमशुदगी का है क्योंकि अब तक कोई सबूत नही मिला जिससे पता चले कि अपराध हुआ है?" सीबीआई ने हाई कोर्ट को बताया कि नजीब  मामले में संदिग्ध 9 छात्रों के खिलाफ अनिवार्य कार्रवाई के लिए या किसी को गिरफ्तार करने के लिए उसके पास कोई सबूत नहीं है। 

सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि सीएफएसएल चंडीगढ़ से संदिग्ध छात्रों के 9 में से 6 मोबाइल फोन से जो डेटा मिला है, उससे संदिग्ध छात्रों के खिलाफ लगे आरोपों के संबंध का पता नहीं चला है। सीबीआई ने कहा है कि वह अब भी इस स्थिति में नहीं हैं कि इस बात की पुष्टि कर सकें कि अपराध हुआ भी है या नहीं? साथ ही सीबीआई ने कहा है कि सीएफएसएल चंडीगढ़ में तीन मोबाइल फोन की जांच नहीं हो सकी क्योंकि दो फोन छतिग्रस्त मिलें हैं और तीसरे में लॉक लगा हुआ था, जिसे अनलॉक नहीं किया जा सका। सीबीआई ने कहा कि इन तीनों मोबाईल को हैदराबाद स्थित इसके सीएफएसएल में जाँच के लिए भेजा जायेगा। नजीब की माँ के वकील ने कहा कि सीबीआई को स्टेट्स रिपोर्ट में मौजूदा जानकारी उन्हें उपलब्ध करानी होगी और इससे उन्हें अलग नहीं रखा जा सकता। वकील ने कोर्ट से निवेदन किया है कि वह सीबीआई को निर्देश दें कि वह सुनवाई की हर तारीख पर उत्तर प्रदेश में अपने घर से दिल्ली आने के लिए नजीब की माँ फातिमा  को 10,000 रुपये का भुगतान करे।

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