मोतिहारी: पानी पर चलने वाली 'नूर साईकिल' बनाकर भारत के राष्ट्रपति और बिहार के राज्यपाल द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत हो चुके बिहार के मोतिहारी के किसान मोहम्मद सईदुल्लाह ने अभी-अभी एक और आविष्कार कर हलचल मचा दी है।
उन्होंने बगैर बिजली के चलने वाले पंखे का आविष्कार और उसका सार्वजनिक प्रदर्शन किया है। इस पंखे का नाम उन्होंने ' नूर पंखा' रखा है ।
टेबुल फैन की आकृति के इस पंखे में पतले ब्लेड और मज़बूत स्प्रिंग लगे हैं। चाबी वाले खिलौने की तरह तीन-चार मिनट तक पंखे को चाबी देने पर वह कम से कम दो घंटे तक पूरी गति से चलता है और भरपूर हवा देता है।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि बहुत जल्द स्प्रिंग और तकनीक में थोडा-बहुत बदलाव कर एक दफ़ा चाबी देकर इस पंखे से ज्यादा घंटों तक हवा ली जा सकेगी। जैसे उनके पानी पर चलने वाली साईकिल ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के लोगों में एक बेहतर भविष्य की आस जगाई है, उनका चाबी से चलने वाला पंखा बिजली का संकट झेल रहे लोगों को गर्मी से निज़ात दिलाएगा। सईदुल्लाह ने ये आविष्कार बिना किसी मदद के अपने खर्चे पर किए हैं।
नई-नई खोजों के प्रति उनका जनून ऐसा है कि उन्होंने अपने खेत तक बेच डाले हैं। अभी उनकी खोजों का औद्योगिक स्तर पर उत्पादन होना शेष है। उनका अगला लक्ष्य है पारंपरिक इंधन के बिना चलने वाला पावर हाउस बनाना जो पावर कट के दौरान घर के सभी बिजली के उपकरण चला सकेगा !
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