मेडिकल कॉलेज के छात्र डॉ० फ़ैयाज़ की माँ अपने बेटे के हत्यारों को पकड़ने की लगा रही है गुहार
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पटना/ दिल्ली : (एशिया टाइम्स/अबू अनस ) जे एन यू के छात्र नजीब की माँ दिल्ली की सड़कों पर दो साल से अपने जिगर के टुकड़े की तलाश में दर दर भटक ही रही थी की और इन्साफ की लड़ाई जारी थी ही की इसी बीच बिहार के कटिहार मेडिकल कॉलेज के छात्र डॉ० फ़ैयाज़ की माँ अपने बेटे के हत्यारों को पकड़ने की बिहार पुलिस प्रशाशन से गुहार लगा रही है . लेकिन जिस प्रकार दिल्ली पुलिस नजीब की माँ को कुछ भी बताने से लगातार इंकार कर रही है ठीक उसी तरह डॉ० फ़ैयाज़ के हत्यारों पर बिहार पुलिस मौन है . डॉ० फ़ैयाज़ के हत्यारों को पकड़ने की मांग को लेकर 18 अप्रैल 2018 को पटना यूनिवर्सीटी से कार्गिल चौक गाँधी मैदान तक ‘इंसाफ मार्च’ के नाम से एक रैली निकाली गयी.
मीडिया को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि डॉo फ़ैयाज़ आलम जो कटिहार मेडिकल कॉलेज में M.D. (Radiology) के छात्र थे, विगत 20 मार्च 2018 को कटिहार मेडिकल कॉलेज स्थित अपने PG हॉस्टल में मृत पाए गए थे ।

परिजनों का कहना है की कॉलेज प्रशासन ने इसकी 16 दिन बाद एक डाक के माध्यम से दी जिसे लेकर घर वालों में काफी रोष है। इस से पहले घर वालों को मौत की कोई भी सूचना आधिकारिक तौर पर नहीं दी गयी।
पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सर पर चोट लगना बताया गया है। FIR दर्ज होने में लगभग 25 दिन लग गया और 16 अप्रैल को कोर्ट से घर वालों ने FIR प्रति बड़ी मुश्किल से हासिल किया है।
डॉo फ़ैयाज़ के घर वालों का कहना है कि प्रशासन इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है और मामले की जाँच कर रहे IO भी मामले को हर दिन नया रुख देने की कोशिश कर रहे हैं, कभी इसे ड्रग्स लेने से जोड़ा जा रहा है तो कभी किसी लड़की का मामला बताया जा रहा है, मगर हत्या का कारण आज तक नहीं पता चल सका।
डॉक्टर फ़ैयाज़ के बहनोई तासीर अहमद ने एशिया टाइम्स को फ़ोन पर बात की और बताया की "हम 15 दिन से लगातार जाँच अधिकारियों का दरवाजा खटखटा रहे हैं कि डॉक्टर फ़ैयाज़ की हत्या कैसे हुई और किसने की अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। हमें संदेह है कि कॉलेज प्रशासन भी डॉक्टर फ़ैयाज़ के क़त्ल में शामिल है क्यों की कॉलेज प्रशासन ने घर वालों से अब तक कोई मुलाक़ात नहीं की और न ही सांत्वना के दो शब्द कहे हैं"।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जाँच में लगातार देरी की जा रही है जिस से साक्ष्यों के मिटा दिए जाने का खतरा बढ़ता जा रहा है। अतः डॉक्टर फ़ैयाज़ के घर वालों की निम्न मांगें हैं जिसे ज्ञापन के माध्यम से माननीय राज्यपाल महोदय तक पहुंचाया गया है।
इस रैली का नेतृत्व डॉ० फ़ैयाज़ की माँ के द्वारा किया गया जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। ज्ञापन में जो मांगें रखी गईं वो निम्न हैं
https://youtu.be/opfUxqv3lik
सर्वविदित हो कि इस कॉलेज के फाउंडर चेयरमैन अहमद अशफाक करीम हैं जन्हें अभी हाल ही में RJD ने राज्यसभा भेजा है , 19 अप्रैल को राज्य सभा सदस्य की शपथ ली है .

प्रमुख मांगें:
1)डॉ० फ़ैयाज़ की हत्या की जाँच सी०बी०आई० के द्वारा करवायी जाए।
2)हॉस्टल में डॉक्टर फ़ैयाज़ के रूम को सील किया जाए ताकि साक्ष्य मिटाने की कोशिश न हो।
3)कॉलेज प्रशासन की पूरे मामले को दबाने की कोशिश की भी जाँच हो।
4)डॉक्टर फ़ैयाज़ के घर वालों को उचित मुआवज़ा मिले।
5)डॉक्टर फ़ैयाज़ की मौत पर कटिहार मेडिकल कॉलेज के अनैतिक व अमानवीय रवैये के विरुद्ध कार्यवाही हो।
6)पूर्व में भी कटिहार मेडिकल कॉलेज में जिन छात्रों की मौतें हुई हैं उनकी भी CBI जाँच हो।
7)कटिहार मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन अपने पद के प्रभाव से जाँच को प्रभावित कर रहे हैं जिसे संज्ञान में लिया जाना चाहिए।
8)देश में निरंतर हो रहे दलित व अल्पसंख्यक छात्रों पर हमले उनमें असुरक्षा का भाव पैदा कर रहे हैं जिस पर सरकार उचित क़दम उठाए।
9)कटिहार मेडिकल कॉलेज धन उगाही का अड्डा बन चुका है अतः सरकार इस रवैये के विरुद्ध सख़्त फैसला ले।
10)कॉलेज प्रशासन, कुछ छात्र व जाँच अधिकारी अपने बयानों के माध्यम से जाँच को कमज़ोर करने और उसका रुख मोड़ने की निरंतर साज़िश कर रहे हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्यवाही हो और किसी नए जाँच अधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए।

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