शिया धर्मगुरु मौलाना डॉ कल्बे सादिक का निधन- तद्फीन आज दोपहर में

लखनऊ | इन्ना लिल्लाह ए वा इन्ना एलह ए राजेऊन- ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुवी है | आपको बता दें कि क़ौम व मिल्लत की इस अज़ीम हस्ती को दुनिया हकीम ए उम्मत के नाम से भी जानती है |गत पिछले हफ्ते शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक साहब की तबीयत बिगड़ने पर एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टर उनका बेहतर इलाज कर रहे हैं | क़ौम व मिल्लत की इस अज़ीम हस्ती के लिये हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि उनकी मगफिरत के लिये दुआ व प्रार्थना करें |

गौरतलब है कि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक पूरी दुनिया में अपनी उदारवादी छवि के लिये जाने जाते हैं।


डॉ. कल्बे सादिक की पहचान आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम देते शिया धर्म गुरु के रूप में रही है. उन्होंने शिक्षा को भी बढ़ावा दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौलाना कल्बे सादिक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

मौलाना कल्बे सादिक के पिता मौलाना कल्बे हुसैन और उनके भाई मौलाना कल्बे आबिद मुस्लिम समुदाय में एक मजबूत पकड़ रखते थे. मौलाना कल्बे सादिक की प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ से हुई. उन्होंने आगे की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से की. उन्होंने अरबी में पीएचडी भी की.
 
गौरतलब है कि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक पूरी दुनिया में अपनी उदारवादी छवि के लिये जाने जाते हैं।

डॉ. कल्बे सादिक की पहचान आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम देते शिया धर्म गुरु के रूप में रही है. उन्होंने शिक्षा को भी बढ़ावा दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौलाना कल्बे सादिक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

मौलाना कल्बे सादिक के पिता मौलाना कल्बे हुसैन और उनके भाई मौलाना कल्बे आबिद मुस्लिम समुदाय में एक मजबूत पकड़ रखते थे. मौलाना कल्बे सादिक की प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ से हुई. उन्होंने आगे की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से की. उन्होंने अरबी में पीएचडी भी की.

आपको बता दें कि मौलाना सादिक लंबे समय से आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे थे. मौलाना सादिक को देश-विदेश में शिक्षा और खासकर लड़कियों व निर्धन बच्चों की शिक्षा के लिए हमेशा सक्रिय रहे. यूनिटी कालेज और एरा मेडिकल कालेज के संरक्षक भी थे.

मुस्लिम आरक्षण का विरोध
 
कांग्रेस सहित कुछ सियासी दलों ने मुस्लिमों को आरक्षण का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने तो घोषणा भी की। कोई और होता तो यह सोचकर चुप हो जाता है कि कहीं उसके समाज के लोग नाराज न हो जाएं। पर, डॉ. सादिक तो अलग ही मिट्टी के बने थे।

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