मौलाना-आज़ाद के पोते फ़िरोज़ बख्त बने मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के नए चांसलर

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हैदराबाद : तेलंगाना स्थित देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के नाम पर बनाई गई केंद्रीय विश्वविद्यालय मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी के नए चांसलर की जिम्मेदारी अब मौलाना आजाद के ही पोते और शिक्षाविद फिरोज बख्त अहमद को दी गई है. इससे पहले यह जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले गुजरात के जाने माने ताजिर जफर सरेशवाला के पास थी. जफर सरेशवाला का कार्यकाल जनवरी 2018 को मुकम्मल हो गया था, उसके बाद से मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के चांसलर का पद खाली था. अब नए चांसलर के तौर पर मौलाना आजाद के ही पोते फिरोज बख्त अहमद को नियुक्त किया गया है.
इस संबंध में जफर सरेशवाला ने वतन समाचार से बातचीत में कहा कि फिरोज बख्त अहमद एक अच्छे पढ़े लिखे इंसान हैं और उनका मौलाना आजाद से डायरेक्ट ताल्लुक है. मैं समझता हूं कि यह सरकार का एक अच्छा फैसला है, जिसकी मैं प्रशंसा करता हूं और मैं उम्मीद करता हूं कि वह और बेहतर काम करेंगे.
वहीं फिरोज बख्त अहमद ने वतन समाचार से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि जो लोग भारतीय जनता पार्टी या प्रधानमंत्री को मुसलमानों का विरोधी समझते हैं, उन को इस बारे में पुनः विचार करना चाहिये. ऐसा नहीं है कि भाजपा मुसलमानों की विरोधी है, बल्कि जहां उनको लगता है कि आदमी को कोई पद देना चाहिए और आदमी उसका हकदार है तो वह जरूर उस पर कोई ना कोई फैसला लेते हैं. ज्ञात रहे कि आजादी के 7 दशकों के बाद भी फिरोज बख्त अहमद की कांग्रेस ने कोई कद्र नहीं की थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी शिक्षा और अहमियत को पहचान कर उनको बड़ी ज़िम्मेदारी दी है. साभार : वतन समाचार

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