मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी में एनएसएस शुरू
जोधपुर 7 नवम्बर। ‘मैं नहीं आप‘ ध्येय वाक्य के आधार पर राष्ट्रीय सेवा योजना का कार्य महात्मा गांधी जन्म शताब्दी वर्ष 1969 से अनवरत जारी है। इसका प्राथमिक उद्देश्य समाज सेवा के माध्यम से विद्यार्थी का व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण करना है।
ये कहना है जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विषय के सेवानिवृत प्रोफेसर कैलाश नाथ व्यास का। वे गंगाणा रोड़, बुझावड़ स्थित मौलाना आजाद युनिवर्सिटी में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के शुभारम्भ के मौके पर मंगलवार को आयोजित उद््घाटन समारोह में बतौर मुख्य वक्ता अपना उद्बोधन दे रहे थे। गत 38 वर्षो से लगातार एनएसएस से जुड़े रहे प्रोफेसर के एन व्यास ने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण एवं जनजागरूकता से जुडे़ सामाजिक एवं कल्याणकारी कार्य व राष्ट्र की निःस्वार्थ सेवा करना ही एनएसएस का परम कर्तव्य हैं।
युनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डाॅ. इमरान खान पठान ने बताया कि प्रोेफेसर व्यास ने भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन युवा मामलात एवं खेल मत्रालय के तहत संचालित एनएसएस के प्रतीक चिन्ह की सम्पूर्ण जानकारी देते हुए उसके चक्र को आगे बढने, आठ तिलियों को आठ पहर, सफेद रंग को पवित्रता, लाल रंग को जोश व नीले रंग को सेवा का प्रतीक बताया। साथ ही युवा को वायु अथवा वेग की संज्ञा दी। उन्होंने ‘मैं नहीं आप‘ का सूत्र दिया और एनएसएस के एक दिवसीय शिविर, सात दिवसीय शिविर, साक्षरता, कन्या भू्रण हत्या, रक्तदान दिवस, एड्स दिवस, बस्ती को गोद लेना सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय दिवस की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनएसएस के भारत में 40 लाख से अधिक वालंटियर है।
सेमीनार मंें प्रभारी व डिप्टी रजिस्ट्रार आर ए खान, समन्वयक व काॅमर्स डीन डाॅ निरंजन बोहरा, आट्र्स डीन डाॅ इनाम इलाही, एसिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ मरजीना, डाॅ रईस, डाॅ. नीलम जोशी, जुगनू खान मेहर, राजकुमार माथुर, मोहम्मद अमजद सहित समस्त व्याख्यातागण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी। संचालन डाॅ मरजीना ने किया।

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