महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत अधिकारी नारायण लवाटे का आत्महत्या करने का दिल हुआ तब्दील
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इस तस्वीर में नजर आने वाले बुज़ुर्ग नारायण लवाटे हैं,88 वर्षीय महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत अधिकारी जो साउथ मुम्बई के ठाकुर द्वार एरिया में अपनी पत्नी के साथ रहते हैं,पिछले महीने की 21 तारीख़ को लवाटे दम्पत्ति ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिख कर आत्म हत्या की इजाज़त मांगी है...
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https://youtu.be/L4_AUH89OXc
ये खबर सुनकर जमात-ए-इस्लामी हिन्द की महाराष्ट्र इकाई के चीफ इंजीनियर तौफीक असलम जो तस्वीर में नजर आ रहे हैं, अपने एक-दो मित्रों के साथ लवाटे दंपत्ति से मिलने उनके घर पहुंचे, परिचय के बाद अपने आने का मकसद बताया...
इस पर लावाटे साहब ने अपनी आत्म हत्या की वजह साफ साफ बताई कि उनकी कोई औलाद नहीं है,उनके भाई बहन भी गुजर चुके हैं,अब वे समाज के लिए भी किसी काम के नहीं और समाज भी उनके किसी काम का नहीं है,अब यदि कभी दोनों गंभीर तौर पर बीमार पड़ जाएं तो कौन उनकी देख भाल करेगा....Lavate साहब की करूण गाथा सुनकर कर तौफीक असलम साहब भावुक हो उठे और उन्हें बड़े प्यार से समझाया,जीवन के रहस्य पर बात-चीत की,ईश्वर और मरणो प्रांत जीवन पर चर्चा किया और ये भी कहा कि आप हमारे घर चलें,हम आपकी सेवा करेंगे...lavate साहब ने पूछा कि मेरी सेवा से आपको क्या मिलेगा?इस पर असलम साहब ने मानवीय दायित्व और पून्य व जन्नत पर मार्मिक गुफ्तगू की....
lavate दम्पत्ति इन बातों और व्यवहार से बेहद प्रभावित हुए,ये भी कहा कि ऐसा किसी ने नहीं समझाया अब तक,लोग आते हैं,आत्म- हत्या की वजह पूछते हैं और निकल जाते हैं...यही नहीं,दोनों ने ये भी वादा किया कि अब वे आत्म-हत्या की नहीं सोचेंगे...असलम साहब ने बुज़ुर्ग दंपत्तियों को तोहफे और मीठाईया भी भेंट की,उनसे कॉन्टैक्ट न० लिया और बार बार मिलने के वादे के साथ विदा हुए...

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