केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन: पुलिस की नौकरी छोड़ राजनीति में रखा था कदम, 23 साल में बने थे MLA, बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड
नयी दिल्ली/समस्तीपुर (जकी अहमद) केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का बृहस्पतिवार को निधन हो गया।उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी।लोक जनशक्ति पार्टी के 74 वर्षीय संरक्षक पासवान का कुछ दिन पहले एक अस्पताल में हृदय का ऑपरेशन हुआ था।
वह पांच दशक से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में थे और देश के जाने-माने दलित नेताओं में से एक थे।पासवान उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मामलों के मंत्री थे।चिराग पासवान ने ट्वीट किया, ‘‘पापा...अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है, आप जहां भी हैं, हमेशा मेरे साथ हैं। आपकी बहुत याद आ रही है पापा।’’
पांच जुलाई 1946 को खगरिया जिले के शाहरबन्नी के एक दलित परिवार में जन्मे रामविलास पासवान की गिनती बिहार ही नहीं, देश के कद्दावर नेताओं में की जाती थी.जेपी के दौर में वे भारतीय राजनीति में उभरे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी रामविलास के निधन पर शोक जताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है. पीएम ने अपने ट्वीट में लिखा, 'रामविलास जी ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के जरिये राजनीति में कदम रखा.
एक युवा नेता के रूप में उन्होंने इमरजेंसी के दौरान अत्याचार और लोकतंत्र की हुए हमले का जमकर विरोध किया. वे एक असाधारण सांसद और मंत्री थे और उन्होंने नीतिगत क्षेत्र में अहम योगदान दिया.' केंद्र सरकार के कई मंत्रियों, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पासवान के निधन पर दुख जताते हुए उन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं.
उनके निधन से लोजपा परिवार में गम की लहर दौड़ गई। राम विलास पासवान के निधन होने पर जिला अध्यक्ष चन्द्रशेखर राय,उमा शंकर मिश्रा, नीरज भारद्वाज,बंटी जाय सवाल,मधुवाला सिंहा, रीता पासवान,राजा पासवान,मो0 फिरोज, कांग्रेस कमिटी के जिला अध्यक्ष मो0 अबु तमीम, वतन विकास संगठन के सुप्रीमो अंज़ारूल हक सहारा,भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राम सुमिरन सिंह,उपेंद्र कुशवाहा,मनोज गुप्ता,जदयू जिला अध्यक्ष अश्वमेघ देवी,तकी अख्तर,अफ़ज़ाल अहमद उर्फ उजाले,वारिसनगर प्रखंड के जदयू सचिव संतोष कुमार साह आदि ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

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