क्या किसी शख्स को दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल में प्रवेश की इजाजत दी जा सकती है या नही?

क्या किसी शख्स को दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल में प्रवेश की इजाजत दी जा सकती है या नही? वो भी जहां धार्मिक स्थल की परंपरा और मान्यता हो कि गैर धर्म का व्यक्ति धार्मिक स्थल में प्रवेश नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम को न्यायमित्र यानी एमिकस क्यूरी नियुक्त करते हुए 5 सितंबर तक सुझाव मांगा है। दरअसल पूरी के जगन्नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अर्ज़ी दाखिल ही है। अर्ज़ी पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस गोपाल सुब्रमण्यम से पूछा कि क्या किसी धार्मिक स्थल में किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सकता है? अगर दूसरे धर्म का व्यक्ति ये शपथ दे कि वो धार्मिक स्थल की परंपरा, ड्रेस कोड और ईश्वर का सम्मान करेगा तो क्या उसे धार्मिक स्थल में प्रवेश की इजाजत दी जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने पुरी के ज़िला जज को आदेश दिया कि वह शिकायत की जांच कर अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट को दें।साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर सुझाव दिया कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर का प्रशासन पुजारियों और श्रद्धालुओं के लिए मंदिर ड्रेस कोड बनाये ताकि श्रद्धालुओं का शोषण न हो। सुप्रीम कोर्ट अब 5 सितंबर को इस मामले में सुनवाई करेगा।

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