नई दिल्ली | जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद देश के कई हिस्सों से कश्मीरी छात्रों के साथ बदसलूकी और उन पर हमलों की चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने कश्मीरी छात्रों पर हमले की घटनाओं पर चिंता जताई है और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है.
पिछले 24 घंटों में देशभर में दर्जन भर घटनाएं सामने आई हैं जहां कश्मीरी छात्रों पर हमले किए गए हाँ. पंजाब, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, प्रयागराज(यूपी), देहरादून और अन्य कई स्थानों पर कश्मीरी छात्रों पर हमले के मामले सामने आए हैं.
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने सोशल मीडिया पर कश्मीरी छात्रों पर हमले के कई मामले साझा किए हैं, जिनमें कथित तौर पर कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और धमकियों का दावा किया गया है.
JKSA के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहमी ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ के डेराबस्सी स्थित यूनिवर्सल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट्स से सूचना मिली कि हॉस्टल परिसर में आधी रात को कुछ स्थानीय छात्रों ने जबरन घुसकर कश्मीरी छात्रों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया. हमलावरों ने उनके कपड़े फाड़े और उन्हें शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाया. गौरतलब हो कि संस्थान में 100 से अधिक कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं.
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पीड़ित छात्र पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सुरक्षा की गुहार लगाते नज़र आ रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जवाब में कहा है कि वह JKSA के संपर्क में हैं और राज्य सरकार छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. पंजाब पुलिस के डीजीपी ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं.
उन्होंने कहा, “नफरत फैलाने या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
JKSA ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित अरनी विश्वविद्यालय में भी कश्मीरी छात्रों को निशाना बनाया गया. उन्हें ‘आतंकवादी’ कहकर अपमानित किया गया और हॉस्टल से निकालने की कोशिश की गई.
डीजीपी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी तरह की भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचें.
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहमी ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि, “उत्तराखंड में, हिंदुत्व संगठन हिंदू रक्षा दल ने एक बार फिर खुलेआम धमकी दी है कि वह आज से उत्तराखंड में कश्मीरी मुस्लिम छात्रों की पहचान करेगा और उन पर हमला करेगा. यह धमकी कथित तौर पर पहलगाम में पर्यटकों की दुखद हत्या के प्रतिशोध में दी गई है.”
उन्होंने कहा है कि, “संगठन के सदस्य बेखौफ होकर भड़काऊ और सांप्रदायिक नारे लगा रहे हैं, जैसे कि “कश्मीरी मुल्लो, वापस जाओ.” उन्होंने एक डराते हुए अल्टीमेटम दिया है, जिसमें मांग की गई है कि सभी कश्मीरी मुस्लिम छात्र आज सुबह 10 बजे तक राज्य खाली कर दें.”
JKSA के राष्ट्रीय संयोजक ने मांग करते हुए कहा है कि, “हम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से आग्रह करते हैं कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें और पूरे राज्य में कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.”
एक और वीडियो साझा किया गया है जिसमें उत्तराखंड से कश्मीरी छात्रों को निकल जाने की धमकी दी गई है. साझा किए गए वीडियो में बताया गया है कि, “हिंदू रक्षा दल के ललित शर्मा ने कश्मीरी मुसलमानों को कल तक उत्तराखंड छोड़ने का आदेश दिया है. उनका दावा है कि उनकी ‘टीमें’ कल से दौरे पर जाएंगी और किसी भी कश्मीरी मुसलमान से अपने तरीके से निपटेंगी.”
JKSA द्वारा एक और पोस्ट में बताया गया है कि, “प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में कश्मीरी छात्रों और युवाओं से कई परेशान करने वाले कॉल प्राप्त हुए हैं. मकान मालिक सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए उन्हें तुरंत घर खाली करने के लिए कह रहे हैं. कुछ लोग दबाव में आकर पहले ही घर छोड़ चुके हैं.”
उन्होंने दावा किया है कि, “यह चिंताजनक है. प्रयागराज एक संवेदनशील क्षेत्र है, और यहाँ उत्पीड़न और प्रोफाइलिंग की आशंकाएँ बढ़ रही हैं. उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है, तुरंत कार्रवाई करें. ऐसे तत्वों को निर्दोष कश्मीरियों को निशाना बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उनकी सुरक्षा, सम्मान और भारत में कहीं भी रहने के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए.
हुर्रियत कंग्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज़ उमर ने कश्मीरी छात्रों पर हो रहे हमले पर चिंता जताई है और छात्रों की सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा है, “बाहरी कश्मीरियों, खासकर छात्रों द्वारा व्यक्त किया गया डर, जो पहलगाम की नृशंस घटना के बाद हमला किया जा रहा है, जैसा कि प्रसारित वीडियो में देखा जा सकता है, बेहद चिंताजनक है. संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूँ.”
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा है कि, “जम्मू-कश्मीर सरकार उन राज्यों की सरकारों के संपर्क में है, जहां से ये रिपोर्ट आ रही हैं। मैं इन राज्यों के अपने समकक्ष मुख्यमंत्रियों के संपर्क में भी हूं और उनसे अनुरोध किया है कि वे अतिरिक्त सावधानी बरतें।”
इन घटनाओं के मद्देनज़र रेजिडेंट कमीशन, जम्मू-कश्मीर सरकार, नई दिल्ली ने देशभर में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. रेजिडेंट कमीशन नई दिल्ली से प्राप्त एक विज्ञप्ति में कहा गया है, “विभिन्न राज्यों में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्र किसी भी मदद/सहायता के लिए जम्मू-कश्मीर रेजिडेंट कमीशन, नई दिल्ली के निम्नलिखित टेलीफोन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) संयोजक नासिर खुहमी प्रयागराज उत्तर प्रदेश में हुई घटना पर कहा है कि, “मैंने प्रयागराज में कश्मीरी छात्रों और युवाओं द्वारा सामना किए जा रहे दबाव के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष मामला उठाया है, मुझे आश्वासन मिला है कि इस मुद्दे को तत्परता से संज्ञान लिया जा रहा है, और किसी को भी किसी भी बहाने से कश्मीरियों को परेशान करने, डराने या निशाना बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.”
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार ने आश्वासन दिया है कि माहौल को खराब करने या निर्दोष कश्मीरियों में डर फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रखना जारी रखेंगे और छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और समान व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ खड़े रहेंगे.”

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