जापान में भूकंप-सुनामी के बाद लैंडस्लाइड का खतरा:भारी बारिश का अलर्ट; अब तक 400 ऑफ्टरशॉक, 64 मौतें, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही

जापान में 1 जनवरी को आए 7.6 तीव्रता के भूकंप के बाद अब भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। 'द गार्डियन' की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि भूकंप से कई सड़कें, इमारतें तबाह हुई हैं। ऐसे में बारिश से मलबा निचले इलाकों में बह सकता है। जिससे लैंडस्लाइड हो सकती है।

 

इशिकावा में नए साल के पहले दिन आए भूकंप के बाद सुनामी आ गई थी। वाजिमा शहर में करीब 4 फीट ऊंची (1.2 मीटर) लहरें उठीं थीं। हालांकि 1 जनवरी की शाम को सरकार ने सुनामी की हाईएस्ट वॉर्निंग वापस ले ली थी। वहीं, भूकंप से अब तक 64 लोगों की मौत हो चुकी है।

'द गार्डियन' ने जापानी मौसम विभाग के हवाले से बताया कि बुधवार सुबह तक 400 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए हैं। इस बीच कुछ सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। इनमें भूकंप से हुई तबाही नजर आ रही है।

भूकंप के बाद इशिकावा प्रांत के नोटो शहर की सड़कें टूट गईं।
भूकंप के बाद इशिकावा प्रांत के नोटो शहर की सड़कें टूट गईं।

सुजु शहर 90% तबाह
अमेरिका की मैक्सार टेक्नोलॉजी ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं। BBC ने जापानी मीडिया क्योडो के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा कि इशिकावा प्रांत का सुजु शहर 90% तबाह हो चुका है।

 

वाजिमा शहर का दूसरे शहरों से कनेक्शन टूटा
भूकंप का केंद्र वाजिमा शहर में था। लिहाजा सबसे ज्यादा तबाही इसी शहर में हुई। यहां सड़कें टूट गई हैं। दूसरे शहरों से वाजिमा का कनेक्शन भी टूट गया है। यहां मदद नहीं पहुंच पा रही है। लोग शेल्टर होम्स तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

 

40 घंटे बाद भी लोगों को रेस्क्यू करना मुश्किल
जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने बुधवार को कहा- भूकंप के 40 घंटे बाद भी हालात मुश्किल नजर आ रहे हैं। हमें खबरें मिल रही हैं कि कई इलाकों में मदद नहीं पहुंच पा रही है। खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।

3 हजार से ज्यादा राहत-बचाव कर्मी जुटे हुए हैं। 57 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है। पुलिस, दमकल विभाग, लोकल अथॉरिटी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि लोगों तक मदद पहुंच सके।

भूकंप से हुई तबाही की तस्वीरें...

भूकंप के बाद कई जगहों पर आग लग गई। वाजिमा शहर में एक बिल्डिंग की पार्किंग में खड़ी गाड़ियां खाक हो गईं।
भूकंप के बाद कई जगहों पर आग लग गई। वाजिमा शहर में एक बिल्डिंग की पार्किंग में खड़ी गाड़ियां खाक हो गईं।
भूकंप के झटकों से वाजिमा शहर में हजारों घर तबाह हो गए।
भूकंप के झटकों से वाजिमा शहर में हजारों घर तबाह हो गए।
अनामिजु शहर में सड़कों पर दरारें आ गईं। इनमें कई कारें धंस गईं।
अनामिजु शहर में सड़कों पर दरारें आ गईं। इनमें कई कारें धंस गईं।
भूकंप के बाद वाजिमा शहर के लोग फिलहाल शेल्टर में रह रहे हैं।
भूकंप के बाद वाजिमा शहर के लोग फिलहाल शेल्टर में रह रहे हैं।

रिंग ऑफ फायर पर बसा है जापान
जापान भूकंप के लिहाजे से सेंसिटिव है। यहां भूकंप आते रहते हैं, क्योंकि ये दो टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन के पास स्थित है। इशिकावा प्रान्त, जहां भूकंप आया है, महासागर के चारों ओर भूकंपीय फॉल्ट लाइनों की एक घोड़े की नाल के आकार की श्रृंखला- रिंग ऑफ फायर के करीब स्थित है।

रिंग ऑफ फायर ऐसा इलाका है जहां कॉन्टिनेंटल प्लेट्स के साथ ओशियनिक टेक्टॉनिक प्लेट्स भी मौजूद हैं। ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो भूकंप आता है। इनके असर से ही सुनामी आती है और वोल्केनो भी फटते हैं।

दुनिया के 90% भूकंप इसी रिंग ऑफ फायर में आते हैं। यह क्षेत्र 40 हजार किलोमीटर में फैला है। दुनिया में जितने सक्रिय ज्वालामुखी हैं, उनमें से 75% इसी क्षेत्र में हैं। 15 देश- जापान, रूस, फिलीपींस, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका, कनाडा, अमेरिका, मैक्सिको, ग्वाटेमाला, कोस्टा रिका, पेरू, इक्वाडोर, चिली, बोलिविया रिंग ऑफ फायर की जद में हैं।

 

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