जामिया नगर में  ‘अबुल फज़ल एन्क्लेव’ को बसाने वाले ‘शेरे पूर्वांचल’ अबुल फज़ल फारूकी का निधन

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नई दिल्ली : एशिया टाइम्स , अबुल फज़ल एन्क्लेव को बसाने वाले अबुल फज़ल फारूकी का आज  निधन  हो गया , यह दुखद सूचना उनकी फैमली के एक करीबी व्यक्ति ‘मक्का मेडिकोज’ के नईम रज़ा ने एशिया टाइम्स को दी है . उनकी   नमाज़ जनाज़ा  जोहर नमाज़ के बाद 1:45 PM ,बिलाल मस्जिद  अबुल फज़ल एन्क्लेव  पर होगी और तद्फीन बटला हाउस कब्रिस्तान में होगी  . जनाब फारूकी का जन्म 1 जुलाई 1942 में उत्तर प्रदेश में  पूर्वांचल के बलिया जिले में चन्देल गाँव में हुआ था. पहली से आठवी तक की शिक्षा अपने गाँव  चन्देल में ही हासिल की , फिर जॉर्ज इस्लामिया कॉलेज गोरखपुर से 12  वीं करने के बाद दिल्ली का रुख किया और जामिया से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री 1962 में पास किया . [caption id="attachment_3080" align="aligncenter" width="446"] कभी ऐसे दीखते थे फारूकी साहब[/caption] उनको अबुल फज़ल बसाने का ख्याल कैसे आया अबुल फज़ल बसाने का ख्याल उनके सामने  1978 में पहली बार ने आया था जब वह जामिया मिल्लिया में एक सेमिनार अटेंड कर रहे थे . सेमिनार में यह फैसला लिया गया की यहाँ एक ऐसी  मुस्लिम बस्ती बसाई जाये जहां मुसलमान अपनी तहजीब  के साथ रह सकें यह बात उनके  ज़ेहन में बैठ गई. और इस पर सोचना शुरू किया और यही इस कॉलोनी को बसाने का सबब बनी . एम् ए ऍफ़ एकैडमी :  क्वालिटी एजुकेशन के लिए उन्हों ने  नॉएडा में एम् ऍफ़ एकैडमी भी शुरू किया था  . यूनानी अस्पताल : उनके ही घर के ग्राउंड फ्लोर पर CCRUM का  यूनानी अस्पताल भी है .

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