जामिया नगर के युवाओं ने की पहल ; "सामाजिक सद्भावना एवं प्रगति के प्रति  युवाओं का उत्तरदायित्व" विषय पर परिचर्चा का किया आयोजन

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नई दिली :  ( एशिया टाइम्स) दिनांक 8 जून को Hera Socio-Educational Foundation(HSEF) के अंतर्गत तथा "प्रगतिशील युवा अधिकार मंच(PYAM)" के तत्वावधान में ' "युवाओं का सामाजिक सद्भावना एवं प्रगति के प्रति उत्तरदायित्व" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए एक कार्यक्रम कराया गया! इस कार्यक्रम में हर क्षेत्र में काम कर रहे विशषज्ञों को बुलाया गया, कार्यक्रम का आयोजन  आल इंडिया मुस्लिम मजलिसे मुशावरत के मुख्य कार्यालय में किया गया ,  इफ्तार से पूर्व कार्यक्रम के दौरान मुख्यतः इस बात पर ज़ोर दिया गया कि हमारा देश (जहाँ की 65 प्रतिशत आवादी 40 वर्ष से कम आयु की है) में युवाओं के क्षमता का सदुपयोग कैसे किया जाय. [caption id="" align="alignnone" width="720"]Image may contain: 2 people, people sitting, people eating and indoor जामिया नगर के युवागण इफ्तार करते हुए [/caption] जिसमें प्रमुखता से यह बात सामने आई कि हम अपने इतिहास से सीखते हुए आगे कि योजना तथा परियोजना बनाएं! युवाओं को थोड़ा बहुत समय निकालकर सरकारी नीतियों पर पैनी नज़र रखनी चाहिये तथा यथासंभव अपना योगदान भी देना चाहिए! युवाओं को चाहिए कि पहले ख़ुद की शिक्षा पे ज़ोर दें और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष करें! कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्र लेखक ज़ुबैर सईदी ने किया उन्होंने प्रमुखता से कहा कि हमें इतिहास की किसी भी बातों को दूसरों तक पहुचाने से पहले उसकी पड़ताल करनी चाहिए! युवाओं को चाहिए कि वो अपने कर्तव्यों को समझकर तदनुसार सामाजिक प्रगति में अपना योगदान दे! [caption id="" align="aligncenter" width="720"]Image may contain: 2 people, people standing कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्र लेखक ज़ुबैर सईदी ने किया[/caption] आगे उन्होंने कहा कि युवाओं की बहुत बड़ी ज़िम्मेवारी है कि सामाजिक सद्भावना को बरक़रार रखने के लिए सोशल मीडिया नेटवर्क को अच्छे अंदाज़ में प्रयोग करें, युवाओं को बिना तहक़ीक़ के किसी ख़बर को आगे नहीं बढ़ाना चाहिये! अफवाह फैलने से समाजिक ताना बाना बिगड़ जाता है और कोशिश यह भी करनी चाहिए कि विवादित बातों से परहेज़ करें ऐसी पोस्ट करें जिससे समाजिक सौहार्द बना रहे ना कि बिगड़े! उर्दू दुनियाँ के नामवर पत्रकार ज़ैन शम्शी  ने कहा कि युवाओं को चाहिए कि सामाजिक सद्भावना एवं सर्वांगीण प्रगति के लिए सामने आकर बढ़ चढ़कर हिस्सा लें! [caption id="" align="aligncenter" width="720"]Image may contain: 3 people, people sitting उर्दू दुनियाँ के नामवर पत्रकार ज़ैन शम्शी [/caption] HSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद अशरफ ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा एवं स्वास्थ्य पे काम करते हुए हमें इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता ही कि हम किसी ग़ैर क़ानूनी पद्घति को ना बढ़ावा दें! [caption id="" align="aligncenter" width="793"]Image may contain: 1 person, standing HSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद अशरफ[/caption] युवाओं को सामाजिक कामों में स्वतः आगे आना चाहिए तथा सरकार के नीतियों तथा कार्यक्रमों का सदुपयोग करना चाहिए! उन्होंने अन्त में कहा कि सामाजिक क्षेत्र में उठाया गया हर क़दम भविष्य के लिए अत्यधिक लाभकारी होता है!
[caption id="" align="aligncenter" width="960"]Image may contain: 2 people, including Shahnawaz Bharatiya, people standing शाहनवाज़  भारती [/caption]
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सहायक प्रोफेसर डॉक्टर अब्दुल क़ादिर  ने सर्वांगीण विकास के लिए सामाजिक समरसता को सबसे प्रमुख आधार माना! उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को मूलभूत शिष्टाचार की शिक्षा पर शुरुआती दिनों से ही ज़ोर देना चाहिए जिससे आगे चलकर हमारा बच्चा एक समझदार नागरिक बनकर उभरे. हमें अपने बच्चों को उनकी योग्यताओं तथा क्षमताओं को ध्यान में रखकर मार्गदर्शन करना चाहिए! आज युवाओं को चाहिए कि सूचना और प्रौद्योगिकी में भी दक्ष बने तथा समय को व्यर्थ इधर-उधर ना गुजारें! [caption id="attachment_3748" align="aligncenter" width="300"] विज्ञापन[/caption] राजीवगांधी समाज रत्न एवं राष्ट्रीय पर्यावरण अवार्ड से सम्मानित युवा समाजसेवी इंजीनियर उबैदुल्लाह ने कहा कि युवा किसी भी समाज के प्रगति का आधार स्तंभ होता है, उसे जैसी शिक्षा और संरक्षण मिलता है उसका समाज के प्रति वैसा ही लगाव होता है! समाज के बुद्धिजीवियों को चाहिए कि अपने समाज के युवाओं का सही मार्गदर्शन करें ताकि आने वाली पीढ़ी दुर्भावनापूर्ण माहौल का ईंधन ना बन पाए! इस कार्यक्रम के उद्देश्य पे बात करते हुए "प्रगतिशील युवा अधिकार मंच" के संस्थापक शाहनवाज़ भारतीय ने कहा कि आज हमारे और हमसे बड़ों के बीच की दूरी काफ़ी बढ़ गई है तथा हम एक दूसरे की कमी पे ही बात करने में अपनी शक्ति एवं ऊर्जा खर्च कर रहे हैं! एक दूसरे पे ताने और दोषारोपण करना व्यर्थ है, हमें मिलके उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग कर भविष्य के लिए कोई ठोस नीति बनानी चाहिए जिससे एक परिपूर्ण व्यवस्था सतत चलती रहे! इसमें जिसे जितना हो सके सहयोग करें. [caption id="attachment_3777" align="aligncenter" width="300"] विज्ञापन[/caption] कोई धन से, कोई समय से, कोई तन से तथा कोई मन से योगदान दे! पैसे से ज़्यादा नियत और नीति की समाज को ज़रूर है! सामाजिक समरसता पे बात करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को चाहिए कि अपने से बड़ो के बीच बैठे और सामाजिक सद्भावना एवं प्रगति के लिए एक दूसरे का पूरक बनें विरोधी नहीं! हमें भी चाहिए कि तर्कपूर्ण आलोचनाओं को सकारात्मक लें और यथासंभव आत्मसात कर आगे बढ़ें! सबब तलाश करो अपने हार जाने का, किसी के जीत पे रोने से कुछ नहीं होगा! अगर है ख़्वाब कि ख्वाहिश तो जागना सीखो, यू आँख मूँदकर सोने से कुछ नहीं होगा! ~नदीम शाद  

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