जामिया के छात्र की फोटो यूनेस्को की विश्व फोटोग्राफी प्रतियोगिता के लिए चुनी गयी
नई दिल्ली : जामिया मिल्लिया इस्लामिया से इलेेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर रहे छात्र, मोहसिन जावेद की विश्व धरोहर, हुमायूं के मक़बरे की ली गई तस्वीर, यूनेस्को के सिल्क रोड प्रोजेक्ट की तरफ से आयोजित ‘‘यूथ आई आन द सिल्क रोड्स ‘‘ नामक इंटरनेशनल फोटो प्रतियोगिता के लिए चुनी गई है।
द इंटरनेशनल सेल्कशन कमेटी ने इस प्रतियोेगिता के लिए दुनिया भर से भेजी गई 6625 फोटो में से मोहसिन जावेद की फोटो को उसकी गुणवत्ता और रचनात्मकता को देखते हुए चुना है। कमेटी इस तस्वीर की विविधता से बहुत प्रभावित हुई है।
आप को बता दें की मोहसिन जावेद भारत की प्रतिष्ठित न्यूज़ एजेंसी यू एन आई (उर्दू ) के वरिष्ट पत्रकार जावेद अख्तर के पुत्र हैं .
मोहसिन की फोटो सहित 60 उम्दा तस्वीरों को ट्रेवलिंग एक्ज़बिशन के लिए चुना गया है, जिनकी नुमाईश अब तक चीन, अफगानिस्तान, अज़रबैजान, ओमान, रूस, तुर्कमेनिस्तान और पेरिस स्थित, यूनेस्को के मुख्यालय पर हो चुकी है। इनकी नुमाईश और भी कई मुल्कों में लगेगी।
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इस प्रतियोेगिता के लिए दुनिया भर से भेजी गई 6625 फोटो में से मोहसिन जावेद की हुमयों के मकबरे की फोटो[/caption]
इसके अलावा, चुनी गई इन तस्वीरों को एक पेशेवाराना फोटो एल्बम की शक्ल में भी जारी किया गया है। इस एल्बम को ‘‘यूथ लेन्स आन द सिल्क रोड्स ‘‘ नाम दिया गया है, जो कि सिल्क रोड की साझा धरोहरों के बारे में नौजवानों के नज़रिए को दिखाती है। यूनेस्को ने इस एल्बम की एक कापी मोहसिन को भी भेजी है।
अट्ठारह साल के मोहसिन में आठवीं क्लास से ही फोटोग्राफी का शौक़ परवान चढ़ा और दसवीं क्लास के आते आते इसने जुनून की शक्ल ले ली। उनकी खींची तस्वीरों को कई जानी मानी नेशनल और इंटरनेशनल एजेंसियां प्रकाशित करने लगीं, जिनमें गेटी इमेजेस, जर्मनी के पब्लिक इंटरनेशनल ब्रोडकास्टर डुश वेले:डीडब्ल्यू: की वेब्साइट और भारत की कई पत्रिकाएं शामिल हैं। मोहसिन का कहना है कि वह फोटोग्राफी में ही अपने कैरियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
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एशिया टाइम्स पर इस होनहार फोटोग्राफर मोहसिन जावेद की कुछ तस्वीरें पहले से पब्लिश होती रही हैं
इस प्रतियोेगिता के लिए दुनिया भर से भेजी गई 6625 फोटो में से मोहसिन जावेद की हुमयों के मकबरे की फोटो[/caption]
इसके अलावा, चुनी गई इन तस्वीरों को एक पेशेवाराना फोटो एल्बम की शक्ल में भी जारी किया गया है। इस एल्बम को ‘‘यूथ लेन्स आन द सिल्क रोड्स ‘‘ नाम दिया गया है, जो कि सिल्क रोड की साझा धरोहरों के बारे में नौजवानों के नज़रिए को दिखाती है। यूनेस्को ने इस एल्बम की एक कापी मोहसिन को भी भेजी है।
अट्ठारह साल के मोहसिन में आठवीं क्लास से ही फोटोग्राफी का शौक़ परवान चढ़ा और दसवीं क्लास के आते आते इसने जुनून की शक्ल ले ली। उनकी खींची तस्वीरों को कई जानी मानी नेशनल और इंटरनेशनल एजेंसियां प्रकाशित करने लगीं, जिनमें गेटी इमेजेस, जर्मनी के पब्लिक इंटरनेशनल ब्रोडकास्टर डुश वेले:डीडब्ल्यू: की वेब्साइट और भारत की कई पत्रिकाएं शामिल हैं। मोहसिन का कहना है कि वह फोटोग्राफी में ही अपने कैरियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
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एशिया टाइम्स पर इस होनहार फोटोग्राफर मोहसिन जावेद की कुछ तस्वीरें पहले से पब्लिश होती रही हैं

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