जमाअत इस्लामी हिन्द ने चार वर्षीय कार्यकाल की नीति एवं कार्यक्रम किया लांच ; युवाओं , महिलाओं और बच्चों पर रहेगी खास तवज्जो
नई दिल्ली। जमाअत इस्लामी हिन्द प्रत्येक चार साल पर अपने नए नेतृत्व और पदाधिकारियों का चुनाव करती है। जमाअत इस्लामी हिन्द का नया कार्यकाल अप्रैल 2019 से आरंभ हुआ है और मार्च 2023 में पूरा होगा। जमाअत अपने प्रत्येक नए कार्यकाल के लिए नई नीति और कार्यक्रम तैयार करती है।
जमाअत इस्लामी हिन्द के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्ला हुसैनी ने प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जमाअत की नई नीति और कार्यक्रम समसामयिक समस्याओं को सामने रख कर तैयार किया गया है।
जमाअत अपना ध्यान बेहतर और ठोस बुनियाद पर भारतीय समाज के नवनिर्माण पर केंद्रित करेगी। सार्वभौमिक मूल्यों को सुरक्षित रखने का प्रयास करेगी। संदेह और विवाद के वातावरण को खत्म करने का प्रयास करेगी।
जमाअत अपने कार्यक्रमों और गतिविधियों को कार्यरूप देने के लिए नौजवानों, बच्चों और महिलाओं को प्रोत्साहित करेगी। मुसलमानों की सुरक्षा के साथ ही जमाअत सामुदायिक सुधार को प्राथमिकता देगी।
देश में शांति और न्याय की स्थापना, जनता की सेवा और उनकी शिक्षा की देखभाल जमाअत के कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। जमाअत के कैडर का प्रशिक्षण और संगठनात्मक विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। इस्लाम के संदेश का प्रसार और इस्लाम और मुसलामानों से संबंधित ग़लतफहमियों को दूर करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
प्रेस कान्फ्रेंस का आयोजन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में हुआ।
सैयद सआदतुल्लाह हुस्सैनी ने कहा कि जमाअत भारतीय समाज में ठोस मूल्यों के संरक्षण द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द्र और संबंध में बेहतरी लाने और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का प्रयास करेगी।
बात-चीत और पारस्परिक अधिकारों का सम्मान, सहनशीलता और मानवता के आदर की भावनाओं के प्रोत्साहन द्वारा विवाद से बचने और ग़लतफहमियों को कम कर के समुदायों के बीच की खाई को पाटा जाएगा।
सार्वभौम नैतिक मूल्यों के आधार पर देश में शांति और न्याय की स्थापना की कोशिश की जाएगी। ग़रीबी, बिमारी, अशिक्षा, भूख और बेरोज़गारी की समाप्ती के लिए सामाजिक सेवा आरंभ करने के प्रयास किये जाएंगे। प्राकृतिक आपदा और समस्याओं के समय मदद उपलब्ध की जाएगी।
परिवारों, महिलाओं और नौजवानों के प्रति ध्यान केंद्रित कर के इस्लामी सिद्धांतों के अनुसार मुस्लिम समाज में सुधार का प्रयास किया जाएगा। सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण द्वारा मुसलमानों को सुरक्षा देने और विकास के मार्ग पर चलाने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा और शोध कार्य भी महत्वपूर्ण है। जमाअत का उद्देश्य वर्तमान स्थिति (राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर) और समसामयिक चुनौतियों के संदर्भ से इस्लामी सिद्धांतों को पेश करना और शोध कार्यक्रम चलाना आवश्यक है।
उचित, सस्ती और मूल्यों पर आधारित शिक्षा का विकास और मुसलमानों और अन्य पिछड़े वर्गों के शैक्षिक विकास के सिलसिले में जमाअत इस्लामी हिन्द सरकार का सहयोग करेगी। मुसलमानों और इस्लाम के खि़लाफ दुर्भावनाओं को दूर करने के लिए इस्लाम के सही संदेश का प्रसार समय की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त जमाअत इस्लामी हिन्द अपने सदस्यों और सहयोगियों को निखारने, आध्यात्मिक विकास और प्रषिक्षण पर ध्यान देने के साथ संगठन के विकास और इसके ढांचे को मज़बूत करने का प्रयास किया जाएगा।

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