SCO में नहीं मिले जयशंकर-बिलावल:1 फीट दूरी पर बैठे थे दोनों देशों के विदेश मंत्री; PAK मीडिया का दावा- बैक चैनल बातचीत शुरू
भारत और पाकिस्तान के बीच तल्खियां जारी हैं। उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में दोनों देशों के विदेश मंत्री शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की मीटिंग में मौजूद थे। एक मौके पर तो हमारे विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के फॉरेन मिनिस्टर बिल्कुल बगल की सीटों पर मौजूद थे। इसके बावजूद बातचीत होना तो दूर दोनों के बीच किसी तरह की दुआ-सलाम तक नहीं हुई।
मीटिंग में SCO के सभी आठ सदस्य देशों के फॉरेन मिनिस्टर मौजूद थे। जयशंकर ने समिट के इतर 7 देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की, लेकिन बिलावल से आंखें तक नहीं मिलाईं। दूसरी तरफ, पाकिस्तान मीडिया में दावा किया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बैक चैनल बातचीत शुरू हो चुकी है।
बर्फ पिघलने की उम्मीद थी
पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक, ताशकंद में जयशंकर और बिलावल के बीच बातचीत की उम्मीद थी। बिलावल ने अप्रैल में पद संभाला था। इसके बाद किसी प्लेटफॉर्म पर दोनों पहली बार साथ थे। माना जा रहा था कि बेहद मुश्किल आर्थिक हालात से गुजर रहे मुल्क को बचाने के लिए बिलावल भारत से बातचीत की पहल करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हैरानी की बात यह है कि जब उज्बेक राष्ट्रपति ने सभी विदेश मंत्रियों के डिनर होस्ट किया, तब भी बिलावल और जयशंकर अलग-अलग बैठे। जयशंकर ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री को छोड़कर सभी से बातचीत की।

सिर्फ एक फीट की दूरी
- समिट के दौरान जिस चेयर पर जयशंकर बैठे थे, उसके ठीक अगली सीट पर बिलावल बैठे थे। दोनों के बीच कोई और नहीं था। इसके बावजूद दोनों नेताओं ने आंखें तक नहीं मिलाईं। ग्रुप फोटो के दौरान भी दोनों के बीच 5 फीट से ज्यादा फासला नहीं था। यहां सभी विदेश मंत्रियों ने हाथ मिलाए, लेकिन जयशंकर और जरदारी अलग-अलग ही खड़े रहे।
- बिलावल ने अप्रैल में पद संभालने के बाद एक बयान में कहा था- भारत जब तक कश्मीर में धारा 370 और 35-ए बहाल नहीं करता तब तक उससे बातचीत मुश्किल है। हालांकि, पाकिस्तान में ही यह मांग उठ रही है कि अगर पाकिस्तान में महंगाई कम करना है तो भारत से ट्रेड बहाल करना होगा।

बैक चैनल डिप्लोमैसी का खेल
पाकिस्तान के स्ट्रैटेजिक अफेयर एक्सपर्ट और जर्नलिस्ट डॉक्टर कमर चीमा के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच बैक चैनल डिप्लोमैटिक बातचीत शुरू हो चुकी है। इसके लिए दुबई को चुना गया है। चीमा ने कहा- पाकिस्तान की सरकार कट्टरपंथियों के दबाव की वजह से भारत के साथ खुलकर बातचीत नहीं कर रही। हालांकि, वो ये अच्छी तरह जानती है कि भारत से ट्रेड शुरू किए बिना वो मुल्क के आर्थिक हालात नहीं सुधार सकती। आज नहीं तो कल, पाकिस्तान को भारत से ट्रेड रिलेशन फिर शुरू करना होंगे।
चीमा आगे कहते हैं- तनाव तो भारत और चीन के बीच भी है, लेकिन दोनों के बीच 125 अरब डॉलर सालाना ट्रेड होता है। क्या हम भी यही नहीं कर सकते। भारत तो बहुत मजबूत स्थिती में है, और हमें अपना वजूद बचाने के भी लाले पड़े हुए हैं।

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