जब मेरी निगाह 19 तारीख़ में लगे हुए मुकदमे की सूची पर पड़ी ; मुस्लिमों से ज्यादा हिन्दू बहनों के मामले देखे
संत कबीर नगर : ( एशिया टाइम्स ) कल यानि 19 सितम्बर को काबीना ने तलाक ऑर्डिनेंस को मंज़ूरी दे दी , अब तीन तलाक देने वाले को तीन साल की सजा भुगतना पड़े गा , अलग अलग समाजी और सियासी खेमों से अलग अलग प्रतिक्रिया सामने आई है .
मुहम्मद अहमद पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के जिला संत कबीर नगर के लोकप्रिय लीडर हैं जिला पंचायत व जिला योजना समिति के सदस्य हैं. उन्हों ने आज अपने फेस बू पेज पर अपना एक तजरबा शेयर किया है . वह लिखते हैं मैं
कल यानी 19/09/2018 को खलीलाबाद जो मेरा नजदीक का शहर है गया था, जिला पंचायत कार्यालय के पास ही परिवार न्यायालय है मैं वहां चला गया महिला और पुरुष काफी संख्या में वहां मौजूद थे,मेरी निगाह 19 तारीख़ में लगे हुए मुकदमे की सूची पर पड़ गई,
चूं की इस कोर्ट में वैवाहिक जीवन से संबंधित मामले ही देखे जाते हैं इसलिए मेरा मानना था कि इसमें तो ज्यादा तर मुस्लिमों के मामले ही होंगे,पर उस समय काफी हैरत हुई जब सूची में मुस्लिमों से ज्यादा मैंने अपनी हिन्दू बहनों के मामले देखे, फिर सोचा ये कहानी तो अजीब है,वैवाहिक जीवन की कठिनाईयों का सामना तो मुस्लिम बहनों के साथ ही हमारी हिन्दू बहनें भी कर रही हैं मगर चर्चा सिर्फ एक समुदाय विशेष को लेकर होती है ये तो ठीक नहीं है
होना तो यह चाहिए कि वैवाहिक जीवन के मामले से परेशान हाल हर समुदाय की बहन को सरकार उचित और त्वरित न्याय देने की व्यवस्था करे,इस समस्या से पीड़ित हर महिला को महिला कल्याण विभाग के जरिए आर्थिक सहायता प्रदान करे इसे किसी धर्म विशेष की समस्या के रूप में देखने के बजाय एक सामाजिक समस्या के रूप में देखे, तब हमारी सरकार सबको न्याय दिलाने की अवधारणा के नजदीक पहुंच पाएगी।

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