ISRO का PSLV-C50 अंतरिक्ष में रवाना- मोबाइल और टीवी के सिग्नल को बढ़ाने वाला सैटेलाइट लॉन्च
ISRO का PSLV-C50 अंतरिक्ष में रवाना- मोबाइल और टीवी के सिग्नल को बढ़ाने वाला सैटेलाइट लॉन्च

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) ने गुरुवार को साल 2020 के लिए अपने आखिरी स्पेस मिशन को सफलता पूर्वक लॉन्च किया। श्रीहरिकोटा के स्पेस सेंटर से PSLV-C50 के साथ कम्युनिकेशन सैटलाइट सीएमएस-01 का सफल प्रक्षेपण किया गया है। इस सैटलाइट लॉन्च के लिए बीते कई दिनों से इंतजार किया जा रहा था, लेकिन मौसम की मुश्किलों के कारण वैज्ञानिक इसकी इजाजत नहीं दे रहे थे।
इसरो (ISRO) के चेयरमैन डॉ के सिवन ने बताया कि PSLV-C50 पूर्वनिर्धारित कक्षा में CMS01 संचार उपग्रह को सफलतापूर्वक इजेंक्ट किया है। सैटेलाइलट बहुत अच्छी तरह से काम कर रही है और अगले चार दिनों में एक निर्दिष्ट स्लॉट में पहुंच जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान हमारी टीमों ने बहुत अच्छी तरह से और सुरक्षित रूप से इस पूरे प्रोजेक्ट में काम किया है।
सीएमएस-01 इसरो का 42वां संचार उपग्रह है। यह देश की मुख्य भूमि के साथ-साथ अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूहों को एक्सटेंडेड सी-बैंड की सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे पहले सात नवंबर को पीएसएलवी-सी49 के जरिये भू-निगरानी उपग्रह को प्रक्षेपित किया गया था।
सीएमएस-01 सैटेलाइट की वजह से टेलीकम्युनिकेशन सेवाओं में सुधार होगा। इसकी मदद से टीवी चैनलों की पिक्चर क्वालिटी सुधरने के साथ ही सरकार को आपदा प्रबंधन के दौरान मदद मिलेगी। यह सैटेलाइट 2011 में लांच की गई जीसैट-2 टेलीकम्युनिकेशन सैटेलाइट की जगह लेगी। सीएमएस-01 अगले सात साल तक सेवाएं देगी।
पृथ्वी की सबसे दूरस्थ कक्षा में होगा स्थापित
सीएमएस-01 को पृथ्वी की कक्षा में सबसे ऊंचे या दूसरे शब्दों में कहें तो 42,164 किलोमीटर के सबसे दूरस्थ बिंदु पर स्थापित किया जाएगा। इस कक्षा में स्थापित होने पर यह सैटेलाइट पृथ्वी के चारों तरफ उसी की गति से घूमेगा और पृथ्वी से देखे जाने पर आकाश में एक जगह खड़े होने का भ्रम देगा।

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